CG Weather Update: रायपुर में बदलते मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। दिन का तापमान, रात से दोगुना होने का असर ये हो रहा है कि अस्थमा का अटैक बढ़ गया है।
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ के रायपुर में बदलते मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। दिन का तापमान, रात से दोगुना होने का असर ये हो रहा है कि अस्थमा का अटैक बढ़ गया है। आंबेडकर समेत निजी अस्पतालों की ओपीडी में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी, एलर्जी, वालों की लंबी कतार है।
डॉक्टरों के अनुसार, सर्दी-खांसी भी 12 से 15 दिनों में ठीक हो रही है। अस्थमा वाले मरीजों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह व रात में ठंड है जबकि दिन में तेज धूप की वजह से गर्मी है। इससे शरीर को तापमान एडजस्ट करने में दिक्कत हो रही है।
राजधानी में सोमवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री व न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री रहा। पिछले सप्ताहभर से तापमान में उतार-चढ़ाव बढ़ा है, जिसके कारण न केवल बच्चे, बल्कि बड़े व बुुजुर्ग भी बीमार पड़ रहे हैं। अस्थमा व क्रोनिक पल्मोनरी बीमारी से पीड़ित बुजुर्गों को वेंटिलेटर का सपोर्ट लेना पड़ रहा है।
जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, उन्हें इस मौसम में ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अस्पतालों के पीडियाट्रिक, मेडिसिन व रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में मौसमी बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। आंबेडकर अस्पताल में सामान्य दिनों में जहां तीनों विभागों में करीब 700 मरीजों का इलाज होता है, उनमें महज 5 फीसदी मरीज वायरल फीवर व अस्थमा के होते हैं।
इन दिनों इसकी संख्या चार गुना बढ़कर 20 फीसदी से ज्यादा पहुंच चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम के बदलाव के कारण लोगों को अपने आहार व जीवनशैली में बदलाव करना चाहिए। उन्हें अधिक पानी पीना, ताजे फल व सब्जियां खाना, और नियमित व्यायाम करना चाहिए।
वायरल फीवर के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द व थकान की समस्या हो सकती है। इसलिए लोगों को वायरल फीवर के लक्षणों को पहचान कर विशेषज्ञ डॉक्टर से इलाज कराना चाहिए। अस्थमा व क्रोनिक पल्मोनरी बीमारी के मरीजों को मौसम के बदलाव के कारण विशेष ध्यान रखना चाहिए।
दरअसल, मौसम में बदलाव का सबसे ज्यादा असर इन्हीं लोगों पर पड़ता है। सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। अस्थमा का अटैक भी होता है। इसलिए विशेष अलर्ट रहने की जरूरत है। बुजुर्गों को मौसम के बदलाव के कारण विशेष ध्यान रखना चाहिए। दरअसल, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और बच्चों की तरह वे जल्द बीमार पड़ते हैं।
दिन व रात के तापमान में दोगुने अंतर के कारण अस्थमा वाले मरीजों में अटैक बढ़ गया है। जरा सी लापरवाही बरतने पर मामला गंभीर हो सकता है, इसलिए डॉक्टर को जरूर दिखाएं। वायरल फीवर के साथ सर्दी-खांसी वाले व गले में इंफेक्शन वाले मरीज भी काफी संख्या में आ रहे हैं। खानपान में विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। सुबह व रात में ठंड है और दिन में गर्मी होने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। - डॉ. आरके पंडा, एचओडी रेस्पिरेटरी मेडिसिन, आंबेडकर अस्पताल