मायके से लौट रहे पति-पत्नी के बीच हुए झगड़े में पत्नी ने एेसा कदम उठाया जो पति ने कभी सोंचा भी नहीं होगा
कोरबा. पति-पत्नी के बीच अक्सर लड़ाई झगड़े होते रहते हैं पर यह कभी किसी ने नही सोंचा होगा कि छोटी सी लड़ाई पर पत्नी एेसा भयानक कदम उठा लेगी । मायके से लौट रहे पति-पत्नी के बीच हुए झगड़े में पत्नी ने एेसा कदम उठाया जो पति ने कभी सोंचा भी नहीं होगा।
ग्राम छिरहुट निवासी अरूणा सारथी अपने पति शिव सारथी व अपने दोनों बच्चों के साथ अपने पिता के जन्मदिन में शामिल होने अपने मायके ढ़ोढ़ीपारा आई हुई थी । अरूणा ने रात को अपने मायके में ही रहने की इच्छा पर उसका पति राजी नही हुआ जिससे अरूणा नाराज थी ।
जन्मदिन मनाने के बाद जब पति- पत्नी अपने बच्चों के साथ बाइक पर लौट रहे थे। जहां रास्ते में ही अरूणा ने अपने पति से लड़ाई शुरू कर दी और अपना पर्स बाइक से ही दर्री बैराज पर फेंक दिया । जब शिव बाइक रोककर पर्स उठाने निचे उतरा।
मगर जैसे ही पत्नी ने पलटकर पत्नी को देखा तो कुछ समझ नहीं पाया वह डैम की ऊंचाई पर कड़ी थी। इससे पति समझ गया की वह छलांग लगाने वाली है।इसी बीच अरूणा ने दर्री बैराज में छलांग लगा दी। शिव ने अपनी पत्नी को बचाने के लिए भागकर दुपट्टा पकडक़र बचाने की कोशिश की पर वह उसे बचा नही सका।
पत्नी अरूणा मायके में रात रूकना चाहती थी पर पति शिव ने मना कर दिया जिसके बाद अरूणा नाराज होकर रास्ते में ही अपने पति से झगडऩे लगी। जब दोनो बाइक पर दर्री बैराज के पास से गुजर रहे थे तब झगड़ते हुए अरूण ने अपना पर्स डैम के पास फेंक दिया। शिव ने पर्स उठाने बाइक रोकी और जैसे ही पर्स उठाने आगे बढ़ा अरूणा डैम के किनारे पहुंच गई। शिव ने अपनी पत्नी की नियत भांप ली और उसकी ओर दौड़ा पर तब तक अरूणा डैम में छलांग लगा चूकी थी।
घटना के बाद आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को भी खबर दी गई। इस बीच अरूणा के माता- पिता, बच्चे व उसके पति ने उसे ढूंढऩे की बहुत कोशिशों के बावजुद दो दिन तक अरूणा का कोइ्र्र पता नही चल पाया। गोताखोरों की लगातार कोशिशों के बाद अंतत: दो दिन बाद हसदेव नदी के किनारे भवानी मंदिर के पास लाश मिली । पुलिस का कहना है कि पति- पत्नी के बीच रास्ते में क्या हुआ था इसके लिए वे बच्चों से भी पुछताछ करेंगे।