Women safety campaign: पत्रिका के रक्षा कवच अभियान के जरिए ऐसे मुद्दों पर महिलाओं को जागरूक करने में हमारा मंडल अपनी जिम्मेदारी निभाएगा: अध्यक्ष अर्पण महिला मंडल
Women safety campaign: महिला अपराध की घटनाएं देशभर में तेजी से बढ़ रही हैं। साइबर ट्रोलिंग के मामले भी बढ़ रहे हैं। आज हर महिला को सशक्त होने की और एक दूसरे के लिए खड़े होने की जरूरत है। महिलाओं को मिलकर खुद के लिए रक्षा कवच तैयार करना होगा। जब एक-दूसरे के लिए हम आवाज उठाएंगे, तभी अपराधियों में डर बैठेगा। ये कहना है महिला संगठनों से जुड़ी महिलाओं का।
वे पत्रिका रक्षा कवच अभियान की कड़ी में बुधवार को पत्रिका कार्यालय में महिला अपराध विषय पर चर्चा कर रही थीं। सभी ने कहा कि हम भी महिलाओं को जागरूक करेंगे और उन्हें बताएंगे कि वे किस तरह से खुद को सुरक्षित रख सकती हैं। महिलाओं ने कहा कि पत्रिका का यह अभियान नारी शक्ति को समर्पित है, ऐसे अभियानों की अभी बहुत जरूरत है।
महाराष्ट्रीयन कुनबी समाज, मनीषा बारसे: महिला सुरक्षा की बात तो सभी करते हैं, लेकिन धरातल पर काम करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। यदि एक महिला जागरूक होती है तो वो कई परिवारों को जागरूक करती हैं। बच्चे सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताते हैं, इसलिए उन्हें भी अवेयर करना जरूरी है। इस कार्यक्रम से बच्चों को भी जोड़ना होगा।
अध्यक्ष प्रदेश कुनबी समाज महासंगठन, सारिका गेडेकर: आजकल पैसों के लेन-देन में हम जिस तरह ठगी के शिकार होते हैं, उसे रोकने के लिए रक्षा कवच बहुत सहायक हो सकता है। महिला सुरक्षा के मुद्दों पर तो सभी को कार्य करना ही चाहिए, इससे सभी वर्ग के लोग जागरूक होंगे। हम अपने संगठन के जरिए इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे और कई महिलाओं को जागरूक करेंगे।
सरला गोलछा अर्पण महिला मंडल: हम समाज सेवा के काम करते हैं और हर वर्ग की महिलाओं से मिलते हैं, इसलिए हम अधिक से अधिक महिलाओं को रक्षा कवच अभियान से जागरूक कर सकते हैं। लड़कियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देने के साथ ही ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके भी पता होना चाहिए और इस तरह के कार्यक्रम बचाव के तरीके बताते हैं।
महिला प्रमुख महाराष्ट्र मंडल, वशाखा तोफखानेवाले: सुरक्षा के मुद्दे पर मिलकर काम करना होगा। हमें लड़कों को भी ऐसे संस्कार देना चाहिए जिससे वे हर महिला का समान करें। अखबार में आए दिन महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों की खबर पढ़ते हैं, लेकिन इन अपराधों में कमी कैसे लाए इसके लिए सभी को पत्रिका के सुरक्षा कवच से जुड़ना चाहिए। हम अपने संगठन के जरिए इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे और महिलाओं को इससे जोडेंगे।
महाराष्ट्र मंडल, गीता दलाल: इस तरह के अवेयरनेस प्रोग्राम के जरिए हम सभी को अलर्ट कर सकते हैं, क्योंकि पढ़ी-लिखी महिलाएं भी ठगी और ट्रोलिंग की शिकार हो जाती हैं। इस अभियान से सायबर अपराध से जुड़े मामलों को समझने में मदद मिलेगी। खासकर पीड़िताओं के दृष्टिकोण को समझकर दूसरों को भी सही राह दिखा सकते हैं। डिजिटल दुनिया में इस तरह के कार्यक्रम से सभी को जुड़ना चाहिए।
अध्यक्ष अर्पण महिला मंडल, साधना दुग्गड़: हम इस अभियान से कई सारी महिलाओं को अवेयर कर सकते हैं, क्योंकि कई महिलाओं को तो यह पता ही नहीं होता कि वो सोशल मीडिया पर जो कुछ शेयर करती हैं, उसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। डीप फेक वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं। पत्रिका के रक्षा कवच अभियान के जरिए ऐसे मुद्दों पर महिलाओं को जागरूक करने में हमारा मंडल अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।
Women safety campaign: स्टूडेंट, पलक बारसे: रक्षा कवच ना सिर्फ बड़ों के लिए बल्कि यह यूथ के लिए भी बहुत असरकारी रहेगा और इस अभियान के जरिए स्कूल और कॉलेज में कार्यक्रम करना चाहिए। जिससे यंगस्टर्स भी अवेयर हो सकें। किस तरह से अपराध हो रहे हैं। इनसे कैसे बचें। कम उम्र से ही बच्चे जब ऐसी बातों से अवेयर रहेंगे तो आगे एक सुरक्षित माहौल तैयार करने में मदद मिलेगी।