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चुनाव ड्यूटी से बचने अधिकारी,कर्मचारियों ने बनाए बहाने

चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए हर बार की तरह इस बार भी अधिकारी और कर्मचारियों ने बनाई योजना...
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Oct 20, 2018
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चुनाव ड्यूटी से बचने अधिकारी,कर्मचारियों ने बनाए बहाने

रायसेन @शिवलाल यादव की रिपोर्ट...

आगामी विधानसभा चुनाव में ड्यूटी से बचने के लिए हर बार की तरह इस बार भी अधिकारी और कर्मचारियों ने तरह-तरह की बीमारियों का बहाना बनाना चालू कर दिया है। जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय रायसेन में अब तक करीबन 586 अधिकारी कर्मचारियों के आवेदन चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए जमा हो चुके हैं।


इन आवेदनों की पड़ताल कर जिला निर्वाचन अधिकारी एवंकलेक्टर एस प्रिया मिश्रा और सहायक निर्वाचन अधिकारी एमपी बरार ने इनकी पुष्टि कराने मेडिकल बोर्ड की टीम जिला अस्पताल के समक्ष फाइल भेजी है।इन मामलों की जांच पड़ताल मेडिकल बोर्ड की टीम करेगी ।

इसके बाद ही ऐसी गंभीर बीमारियों से पीडि़त अधिकारी-कर्मचारियों को विस चुनावी ड्यूटी से मुक्त किया जा सकेगा वरना लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों की इस तरह की बहानेबाजी इस बार के विधानसभा चुनाव में बिल्कुल नहीं चलेगी ।

मातृत्व अवकाश के भी पहुंचे आवेदन....
जिला निर्वाचन शाखा रायसेन के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन बहानेबाज इन अधिकारी कर्मचारियों के आवेदन में ऐसी-ऐसी बीमारियों का उल्लेख किया गया है कि अधिकारी कुछ समझ नहीं पा रहे हैं।


फिलहाल आवेदनों वरिष्ठ अधिकारियों के पास विचारनार्थ रखा गया। इसके बाद कलेक्टर एस प्रिया मिश्रा ने इन आवेदनों को जांचने के बाद यह फाइलें मेडिकल बोर्ड टीम जिला अस्पताल के समक्ष भिजवा दी हैं।

इधर भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी हुई गाइड लाइन में तय है कि चुनाव ड्यूटी से उन्हें ही अवकाश दिया जाएगा। जिनके पास मेडिकल बोर्ड से जारी प्रमाण-पत्र होगा। हालांकि इस बार दिव्यांग और मातृत्व अवकाश ही छूट मिलेगी। बाकी को पूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।

दरअसल चारों विधानसभा में मतदान के लिए इस बार निर्वाचन में 8 हजार 141 अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इन्हें पोलिंग पार्टी और मतदान अधिकारी के रूप में शामिल किया जाना है। जिनके नाम तय किए गए हैं। उन्हें सूचना भी दी जा चुकी है।


सूचना मिलने के बाद अब ड्य़ूटी से बचने के लिए अधिकारी और कर्मचारी आवेदन देने लगे हैं। इधर आवेदनों की जांच के लिए अधिकारी कर्मचारियों की टीम का गठन किया गया है। यदि कोई भी आवेदन झूठा या फ र्जी पाया गया तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी को नौकरी से हटाया जा सकता है।

.....तो जा सकती है लापरवाहों की नौकरी
जिला निर्वाचन शाखा से प्राप्त जानकारी के मुताबिक ड्यूटी से बचने के लिए कई आवेदन आ चुके हैं। जिनमें कर्मचारी बहाने बना रहे हैं। ऐसे आवेदनों की जांच की जा रही है। इसको लेकर कलेक्टर एस प्रिया मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को स्पष्ट कहा कि ऐसे सभी कर्मचारियों के आवेदनों की जांच की जाएगी।


यदि आवेदन झूठे पाए गए तो कर्मचारी की नौकरी भी जा सकती है। दरअसल इस सारे मामले में परेशानी की बात यह है कि काफी संख्या में कर्मियों ने प्राइवेट चिकित्सकों से प्रमाण-पत्र लेकर सीडीओ आफिस व सीएमओ आफिस में जमा करना शुरू कर दिया है। वैसे भी मेडिकल प्रमाण पत्र जारी करने के लिए जिला अस्पताल के पांच वरिष्ठ चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड बनाया है।


स्वस्थ्य कर्मचारी भी पैरवी कर मेडिकल बोर्ड तक पहुंचाए जा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से मेडिकल बोर्ड के समक्ष कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित हुए। जिनके प्रमाण पत्र अटके हुए हैं। प्रमाण पत्र उन्हें ही जारी किया जाएगा। जो वास्तव में अस्वस्थ हैं।

भेजी गई अवकाश के आवेदनों की फाइल....
जिला निर्वाचन शाखा में रोजाना ऐेसी बहानेबाजी के तरह-तरह के आवेदन आ रहे हैं। एक शिक्षा विभाग के उपयंत्री ने आवेदन दिया है कि वे उपस्थित नहीं हो पाएंगे।

परिवार के साथ नवरात्रि दशहरे पर्व के टूर पर हैं। इसी तरह एक आवेदन में एक अधिकारी ने किडऩी की समस्या और एक कर्मचारी ने हार्ट केक ब्लॉकेज होन की समस्या बताई है। एक विभाग के कर्मचारी ने मुख में कैंसर की समस्या बताई है । डॉक्टर से बड़े अस्पताल में शिकाई कराने की बात कही है। इसी तरह 10 आवेदन दिव्यांगों की ओर से भी किए गए हैं। इसके अलावा 4 आवेदन मातृत्व अवकाश को लेकर आए हैं।

चुनाव में किसी की बहानेबाजी नहीं चलेगी....
विधानसभा चुनाव में ड्रयूटी से बचने अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा कई हथकंडे अपना रहे हैं। लेकिन भारत निर्वाचन आयोग के भी सख्त निर्देश व गाइड लाइन हैं। इसके तहत ही जिले की चारों विधानसभा सीटों पर शांतिपूर्ण माहौल में चुनाव कराए जाने हैं।

इसकी तैयारियां निरंतर की जा रही हैं। हमने 583 अधिकारी कर्मचारियों की फाइलें एप्रूवल के लिए जिला अस्पताल की मेडिकल बोर्ड टीम के पास भिजवा दी हैं। मेडिकल बोर्ड की टीम ही फाइनल रिपोर्ट देगी। मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र देखकर ही ऐेसे अधिकारी कर्मचारियों को चुनावी ड्यूटी से मुक्त किया जा सकेगा । अन्यथा बिल्कुल नहीं ।
एस प्रिया मिश्रा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन ।

Published on:
20 Oct 2018 10:37 am