
Jail Superintendent Suspended, रायसेन जिला जेल फाइल फोटो व जेल अधीक्षक के निलंबन का आदेश (Source-Patrika)
Raisen Jail Superintendent Suspended: मध्यप्रदेश की रायसेन जिला जेल में बुधवार को कैदी के द्वारा जेल प्रहरी को गोली मारने की घटना सामने आने के बाद कुछ ही घंटों में बड़ी कार्रवाई हुई है। घटना के बाद जिला जेल अधीक्षक आरके चौरे को निलंबित कर दिया गया है। जेल मुख्यालय भोपाल की ओर से जेल अधीक्षक आरके चौबे का निलंबन आदेश जारी हुआ है। बता दें कि जिस प्रहरी को गोली लगी है उसे गंभीर हालत में भोपाल एम्स में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
रायसेन जिला जेल में प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर को विचाराधीन कैदी नीलेश ठाकुर ने बुधवार सुबह करीब 9 बजे कट्टे से गोली मार दी थी। इस घटना के बाद जेल विभाग में हड़कंप मच गया और दोपहर होते-होते जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। जो आदेश जेल मुख्यालय भोपाल की ओर से जारी किया गया है उसमें लिखा है- जिला जेल रायसेन में हुई घटना में प्रथम दृष्टया शिथिल नियंत्रण एवं कर्तव्य दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती गई है, जिसके परिणामस्वरूप उक्त घटना घटित हुई। उक्त घटना को दृष्टिगत रखते हुए आरके चौरे, कार्यवाहक अधीक्षक, जिला जेल रायसेन को मप्र. सिविल सेन नियम- 1966 के नियम- 09 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी तथा निलंबन काल में उनका मुख्यालय, जेल मुख्यालय भोपाल रहेगा।
बताया जा रहा है कि जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह पर गोली चलाने वाला कैदी नीलेश ठाकुर बरेला के पास के दिमाड़ा गांव का रहने वाला है और 307 व 302 के मामले उस पर दर्ज हैं। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक बुधवार को जिला जेल में स्कूली बच्चों के साथ रक्षाबंधन का कार्यक्रम होना था। इसी बात का फायदा उठाकर आरोपी नीलेश जेल से भागना चाहता था। वो फलों की टोकरी लेकर जेल के गेट पर आया और गेट खुलवाकर भागने की फिराक में था, इसी दौरान जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह ने उसे रोका तो उसने गोली चला दी। गोली चलते ही हड़कंप मच गया, तुरंत जेल प्रहरी को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। गोली जेल प्रहरी के पीठ के ऊपरी हिस्से में लगी है और उनके फेफड़े के पास फंसी हुई एक्स-रे में नजर आ रही है।
इस घटना से जेल प्रबंधन की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जेल प्रबंधन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि कैदी के पास कट्टा कैसे पहुंचा। पुलिस और जेल प्रशासन इस पहलू की भी जांच कर रहे हैं। घटना के बाद से ही जिला जेल में बड़े अधिकारियों का जमावड़ा है। एसपी अशुतोष गुप्ता समेत कई बड़े अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए थे। एसपी आशुतोष गुप्ता ने कहा कि चूंकि घटना जेल के भीतर हुई है, इस मामले में जेल अधिकारियों के साथ जांच की जाएगी। गुप्ता ने आरोपी के आपराधिक रिकार्ड वाला बताया और कहा कि उस पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज है। गुप्ता ने यह भी कहा कि जेल के भीतर कट्टा कैसे गया इसकी भी जांच की जा रही है। जेल के स्टाफ से भी पूछताछ की जाएगी।
Updated on:
02 Sept 2026 05:55 pm
Published on:
02 Sept 2026 05:54 pm
