रायसेन

बिजली दो या फिर सीने पर गोली मारो

एनएच-12 पर किसानों ने पांच घंटे किया चक्काजाम, दबंगों ने काट दी बिजली।
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बिजली दो या फिर सीने पर गोली मारो

रायसेन/बरेली. राष्ट्रीय राजमार्ग 12 पर बुधवार को किसानों ने नगर प्रशासन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सडक़ पर बैठे किसानों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि या तो हमारे गांव की बिजली चालू करो या फिर सीने पर गोली दोगो। किसानों द्वारा किए गए पांच घंटे के चक्काजाम के कारण जबलपुर-भोपाल मार्ग पूर्ण रूप से अवरुद्ध रहा। इस चक्कजाम के चलते यात्री बसों में बैठे यात्रियों को लम्बे समय तक परेशान होना पड़ा। यात्री प्रशासनिक अधिकारियों से जाम खुलवाने की गुहार लगाते रहे। इध्यार अधिकारी किसानो को मनाते रहे।

इसलिए बिफरे ग्रामीण
नगर से पांच किलो मीटर दूरी पर स्थित ग्राम किनगी से ग्राम छींद तक विद्युत सप्लाई रहती है। जिससे बरेली से होकर किनगी ग्राम पंचायत और उसके बाद छींद में बिजली रोशन होती है, परंतु मंगलवार की शाम ग्राम किनगी के कुछ दबंगों ने ग्राम छींद की विद्युत सप्लाई बंद कर वहां के बिजली तार लूट लिये थे। जिसकी शिकायत ग्राम छींद के किसानों ने बरेली थाने में की। जब बरेली थाने से कोई कार्रवाई नहीं की गई तो बुधवार की सुबह ग्राम के किसान क्षेत्रीय विधायक रामकिशन पटैल और एसडीएम विनीत तिवारी, बिजली कंपनी के डीई क्षितिज गौतम से मिले और विद्युत प्रदाय बंद होने के संबंध में चर्चा की। लेकिन विधायक सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार दोपहर ०२ बजे तक ग्राम छींद के दबंगों पर न तो कोई कार्रवाई की और न ही बिजली सप्लाई प्रारंभ करवाई। इस बात से ग्राम छींद के किसान बिफर पड़े और एनएच-१२ पर दोपहर ०२:३० बजे से चक्काजाम कर दिया। एनएच 12 के दोनों और यात्री वाहनों सहित अन्य वाहनों की लम्बी लम्बी लाईनें लग गईं।

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एसडीएम की नहीं सुनी किसानों ने
बिजली सप्लाई बंद रहने के कारण एनएच १२ पर बैठे किसानों के द्वारा किए गए जाम को खुलवाने एसडीएम विनीत तिवारी जब मौके पर पहुंचे तो किसानो ने उनकी एक न सुनी। किसान एक ही बात पर अड़े रहे कि पहले बिजली सप्लाई प्रारंभ हो और उन दबंगों पर कार्रवाई हो। किसानों ने जब एसडीएम की नहीं सुनी तो वह उलटे पांव बरेली लौट आए। आवागमन को सुचारू रूप से संचालित करवाने के लिए बरेली थाने से कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे जिन्होंने किसानों को समझाने की कोशिश की तब किसानों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि अब चक्काजाम जब ही खुलेगा जब ग्राम छींद में बिजली सप्लाई शुरू होगी।

सीने पर गोली खाने को तैयार हैं
किसानों के चक्काजाम को खुलवाने तहसीलदार जब उनके बीच पहुंचे तो किसानों ने कहा कि अब हम सीने पर गोली खाने को तैयार हैं। कम से कम हमारे मरने के बाद हमारे परिवार को ०१ करोड़ रुपए का मुआवजा तो मिलेगा। तहसीलदार ने मौके पर बिजली कंपनी के कार्यपालन यंत्री क्षितिज गौतम के बुलाया और उन्हे आदेश दिया कि किनगी जाकर ग्राम छींद की विद्युत सप्लाई प्रारंभ करवाई जाए। एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओपी, थाना प्रभारी के साथ गौतम ने किनगी पहुंचकर बिजली सप्लाई शुरू कराई।

ग्राम छींद की बिजली सप्लाई हमने ग्राम किनगी पहुंचकर प्रारंभ करवा दी है। साथ ही किसानों की मांग थी कि ग्राम किनगी के दबंगों पर एफआईआर दर्ज हो तो वह जांच का विषय है।
अशोक सेन, तहसीलदार बरेली

Published on:
02 Aug 2018 10:00 am