
रायसेन/मंडीदीप. भोजपुर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी सुरेन्द्र पटवा द्वारा भरे गए नामांकन के साथ जमा किए शपथ पत्र पर दो निर्दलीय प्रत्याशियों की आपत्ति के बाद उनके नामांकन पर सोमवार को कोई निर्णय नहीं हो सका।
इसी तरह उदयपुरा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन के साथ जमा किए गए शपथ पत्र पर भाजपा प्रत्याशी के वकील द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई। दोनो ही जगह रिटर्निंग आफीसर ने फैसले आज तक के लिए सुरक्षित रखे हैं।
सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई। जिले की चारों विधानसभाओं में रिटर्निंग ऑफीसर द्वारा नामांकनों की जांच की गई, जिनमें से सात नामांकन निरस्त किए गए।
ये है पटवा पर आपत्ति
भोजपुर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र पटवा के नामांकन के साथ लगाए गए शपथ पत्र पर दो निर्दलीय प्रत्याशियों ने आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया है कि पटवा ने अपने कर्ज की राशि तथा शिक्षा की जानकारी गलत दी है।
भोजपुर विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी मान सिंह रघुवंशी तथा रविन्द साहू ने निवार्चन अधिकारी आदित्य शर्मा को एक आवेदन देकर बताया कि भाजपा प्रत्याशी सुरेन्द्र पटवा ने अपने नामांकन के साथ जो शपथ पत्र में दिया है उसके एक भाग में अपने ऊपर कर्ज की राशि करीब 34 करोड़ तथा पत्नी के ऊपर करीब सवा दो करोड़ का कर्ज दिखाया है।
वहीं पटवा ऑटोमोटिव पर भी करीब 34 करोड़ का कर्ज दिखाया है, लेकिन इसी शपथ पत्र के दूसरे भाग में पटवा ने स्वयं के ऊपर करीब 14 करोड़ का कर्ज दिखाया है और पत्नी के नाम कोई कर्ज नहीं बताया।
इसके अलावा पटवा ने वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में दिए शपथ पत्र के अनुसार वर्ष 1983 में बीकाम किया था, जबकि वर्ष 2018 में दिए गए शपथ पत्र में पटवा ने बताया है कि वर्ष 1984 में उन्होंने एमकाम किया था। आपत्तीकर्ताओं का मानना है कि एक वर्ष अंतर में डिग्री से मास्टर डिग्री कैसे हो गई।
पचौरी पर आपत्ति निरस्त....
कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन को लेकर भाजपा प्रत्याशी की ओर से आपत्ति लगाई गई थी, जिसमें कहा गया था कि पचौरी पर भोपाल में 2011 में प्रकरण दर्ज हुआ था,
जिसकी कोई जानकारी उन्होंने शपथ पत्र में नहीं दी है। यह आपत्ति रिटर्निंग आफीसर द्वारा निरस्त कर दी गई, क्योंकि आपत्ति से पहले ही पचौरी का नामांकन जांच के बाद स्वीकृत हो चुका था।
कम राशि के टिकट लगे....
उधर उदयपुरा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र पटेल द्वारा जमा किए गए शपथ पत्र में कम राशि के टिकट लगाए गए। जिसे लेकर भाजपा की और से अधिवक्ता रामकुमार श्रीवस्तव ने आपत्ति लगाई।
उन्होंने बताया कि देवेंद्र पटेल के शपथ पत्र में न्यायिक टिकट कम लगे हैं, साथ ही हर पेज पर नोटरी एडवोकेट के प्रमाणीकरण हस्ताक्षर नहीं है। इसलिए देवेंद्र पटेल का नामांकन निरस्त होना चाहिए।
आपत्ति लगने की जानकारी लगते ही रिटर्निंग कार्यालय परिसर में गहमा गहमी बढ़ गई। कांग्रेस, भाजपा के पक्षों के अलावा बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। सभी की निगाहें रिटर्निंग अधिकारी के निर्णय पर टिकी रहीं।
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद 3:30 बजे निर्णय देने की सूचना मिली। पर 3:30 बजे पुन: दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद निर्णय 6 बजे तक के लिए सुरक्षित किया गया। निर्णय के इंतजार में लोग कार्यालय परिसर में एकत्र रहे। लेकिन बाद में एसडीएम दिनेश सिंह तोमर ने फैसला आज दोपहर 12 बजे तक के लिए सुरक्षित रखने की जानकारी दी।
सिलवानी से सभी नामांकन सही ......
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान भोजपुर से चार अभ्यार्थियों के नामांकन निरस्त किए गए। इनके अलावा दो नामांकन ऐसे भी थे जो दो अभ्यार्थियों ने दो-दो जमा किए थे। उनके द्वारा पार्टी से जमा किए गए एक-एक नामांकन निरस्त किए गए हैं।
यहां से निर्दलीय कुंवर सिंह नागर, कमलेश, जलील खान तथा आकाश सिंह के नामांकन त्रुटिपूर्ण पाए जाने पर निरस्त किए गए। इसी तरह सांची से बहुजन समाज पार्टी के अभ्यर्थी राजेश अहिरवार तथा बहुजन संघर्ष दल के अभ्यर्थी छोटेराम का नाम निर्देशन पत्र विधि मान्य नहीं होने पर निरस्त कर दिया गया।
विधानसभा सिलवानी से 23 अभ्यर्थियों द्वारा जमा सभी नामांकन सही पाए गए। जबकि उदयपुरा से एक अभ्यार्थी का नामांकन निरस्त होने की जानकारी मिली है।
निर्दलीय प्रत्याशियों द्वारा लगाई गई आपत्ती पर भाजपा प्रत्याशी सुरेन्द्र पटवा से मंगलवार दोपहर 3 बजे तक जवाब मांगा है। इस संबंध में सुरेन्द्र पटवा ने कहा कि शपथ में पत्र पर जो आपत्ती आई है वह टाइपिंग मिस्टेक है, शपथ पत्र में सभी प्रकार के कर्ज की जानकारी दी गई है, भूलवश दूसरे भाग पर उन्हें लिखना भूल गए हैं।
आदित्य शर्मा, निर्वाचन अधिकारी भोजपुर विधानसभा
कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र पटेल के नामांकन पर आपत्ति लगाई गई है। जिस पर देवेंद्र पटेल से जवाब मांगा गया था, उनका जवाब आ गया है। दोनों पक्षों की दलील दर्ज की गई हैं। इस मामले में मंगलवार दोपहर 12 बजे फैसला दिया जाएगा।
दिनेश सिंह तोमर, निर्वाचन अधिकारी उदयपुरा विधानसभा