राजगढ़

Rajgarh Crime: इंदौर का व्यापारी बनकर आया, मोबाइल का थोक ऑर्डर दिया, फिर 5.89 लाख एडवांस लेकर गायब हुआ ठग

Mobile order fraud: मोबाइल के थोक ऑर्डर के नाम पर दुकानदार से 5.79 लाख रुपए की ठगी हो गई। इंदौर का व्यापारी बनकर आरोपी ने एडवांस लिया, फिर फोन बंद कर दिया।
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Oct 15, 2026
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Mobile order fraud: ब्यावरा के दुकानदार के साथ 5.89 लाख की ठगी (फोटो सोर्स- Patrika)

(ब्यावरा से लक्ष्मीनारायण यादव की रिपोर्ट)

Mobile order fraud: मध्य प्रदेश के ब्यावरा में मोबाइल कारोबार के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बस स्टैंड के पास मोबाइल की दुकान संचालित करने वाले एक दुकानदार के साथ अज्ञात व्यक्ति ने व्यापारी बनकर 5.79 लाख रुपए की चपत लगाई है।

सिटी पुलिस के अनुसार कृतिम सोनी निवासी शहीद कॉलोनी के साथ धोखाधड़ी हुई है। आरोपी ने मोबाइल फोन का ऑर्डर देने के नाम पर फरियादी से संपर्क किया और एडवांस भुगतान लेने के बाद न तो मोबाइल का पार्सल भेजा और न ही फोन उठाया। काफी प्रयासों के बाद भी जब आरोपी से संपर्क नहीं हो सका, तो फरियादी ने अब पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

थोक में मोबाइल के आर्डर के नाम पर लिया भरोसे में, खाते में डलवाई राशि

फरियादी के अनुसार आरोपी ने व्यापारी बनकर मोबाइल फोन की खरीदारी के लिए संपर्क किया था। उसने इंदौर का व्यापारी होने की बात कहते हुए मोबाइल का ऑर्डर दिया। सौदे के तहत मोबाइल की आपूर्ति और भुगतान को लेकर बातचीत हुई। आरोपी की बातों पर भरोसा कर फरियादी ने लेनदेन किया। इस दौरान कुल 579000 रुपए की राशि आरोपी को एडवांस भुगतान कर दी।

आरोपी ने खाते से निकाल ली राशि, 1930 पर भी पीडि़त को नहीं मिली मदद

फरियादी रुपए देने के बाद जब काफी समय तक मोबाइल फोन नहीं पहुंचे, तो फरियादी ने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की। शुरुआत में फोन पर बात करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने कॉल उठाना बंद कर दिया। आरोपी ने मोबाइल से संबंधित जानकारी और संपर्क विवरण भी डिलीट कर दिए। इसके बाद आरोपी ने खाते से राशि भी निकाल ली। पीडि़त का कहना है कि घटना के बाद तुरंत हमने 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उधर से कोई रिस्पांस नहीं मिला।

थाने में शिकायत करने के बाद भी 1930 पर शिकायत दर्ज कराने परेशान होते है। शाम को बैंक भी गए थे, ताकि आरोपी के खातों पर होल्ड लग जाए। शाम तक उसके खाते में दो लाख से अधिक राशि दिख रही थी, जो बाद में निकल गई। यदि समय पर 1930 से कार्रवाई हो जाती तो शायद आरोपी के खाते पर पहले ही होल्ड लग जाता और राशि नहीं निकाल पाता। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Updated on:
15 Oct 2026 09:16 am
Published on:
15 Oct 2026 09:16 am