mp news: कई हिस्सों में टाइल्स, ग्रेनाइट, स्टोन इत्यादि लगना शेष है। डेंटिंग, पेंटिंग के साथ ही अन्य काम भी बचा हुआ है। जिसे पूरा करने पर ही पूरा फोकस है।
mp news: देश के 508 विशेष रेलवे स्टेशनों में शामिल एमपी के ब्यावरा स्टेशन के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने भोपाल मंडल के डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी ब्यावरा पहुंचे। उन्होंने 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत किए जा रहे कार्यों को देखा। ठेकेदार को आधे-अधूरे काम को पूरा करने के निर्देश दिए।
दरअसल, मक्सी-शाजापुर होते हुए दोपहर दो बजे वे स्टेशन के दो नंबर प्लेटफॉर्म पर पहुंचे, जहां से फुट ओवर ब्रिज से होते हुए एक नंबर प्लेटफॉर्म आए। यहां के आधे-अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए संबंधित ठेकेदार को निर्देशित किया। साथ ही पूर प्रोजेक्ट का मुआयना किया।
हालांकि कई हिस्सों में टाइल्स, ग्रेनाइट, स्टोन इत्यादि लगना शेष है। डेंटिंग, पेंटिंग के साथ ही अन्य काम भी बचा हुआ है। जिसे पूरा करने पर ही पूरा फोकस है। उन्होंने बताया कि फरवरी के आखिर तक नई बिल्डिंग पूरी तरह से हैंडओवर कर दी जाएगी। हालांकि एस्केलेटर, लिफ्ट और अतिरिक्ति एफओबी का काम अगले चरण में किया जाएगा। वर्तमान में पुरानी और नई बिल्डिंग को ठीक किया। साथ ही उसे चालू करने पर ही जोर दिया गया।
आगे उन्होंने कहा कि बाकी काम भले शेष हों लेकिन हम फरवरी में नई बिल्डिंग का उद्घाटन करवा देंगे। इस दौरान टीम के साथ निर्माण शाखा, एसएनटी, आईओडब्ल्यू, जीआरपी, आरपीएफ टीम मौजूद रही। हालांकि डीआरएम को ठेकेदारों और निर्माण विंग के लोगों ने उन्हीं पुराने कार्यों के बारे में बताया।
हर बार की तरह उन्होंने काम पूरा करने के निर्देश दिए। हालांकि अब दावा किया जा रहा है कि फरवरी में हर हाल में काम पूरा कर लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 20 करोड़ रुपए की लागत से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत ब्यावरा स्टेशन का कायाकल्प किया गया है। नई बिल्डिंग तैयार की गई है और पुरानी को रिनोवेट किया गया है।
काम फरवरी तक फाइनल हो जाएगा -देवाशीष त्रिपाठी, डीआरएम, भोपाल मंडल
सवाल- कब तक काम पूरा करेंगे, जीआरपी थाने के लिए जगह क्यों नहीं दे रहा रेलवे?
जवाब- काम फरवरी तक फाइनल हो जाएगा। जहां तक जीआरपी थाने की बात है तो हम प्रयासरत हैं, जगह ढूंढी जा रही है।
सवाल- एक ही प्रकार के टाइल्स और कोटा स्टोन उखाड़कर वे ही ठेकेदार दोबारा लगाते हैं, कोई रेलवे का नियम है क्या?
जवाब- नहीं ऐसा नहीं है लेकिन प्लेटफॉर्म को स्टेंडर्ड साइज तक उठाने और क्वालिटी के लिए ऐसा करते हैं।
सवाल- पिछली बार आपने कहा था कि क्वालिटी कंट्रोल के लिए गुजरात से टीम काम की जांच करने पहुंचेगी, कोई नहीं आया?
जवाब- वह टीम सिर्फ फुट ओवर ब्रिज की जांच के लिए आना है। बाकि काम लोकल की टीमों का है, वे क्वालिटी मैनेज करेंगे, नहीं करेंगे तो हम निर्देश देंगे।
सवाल- भोपाल-रामगमंज मंडी रेल लाइन में अड़चनें हैं, जमीन के मामले क्यों नहीं सुलझ पा रहे?
जवाब- यह निर्माण शाखा वाले बताएंगे लेकिन हमारी ओर से काम नहीं रुका है, जमीन का मामला है तो सुलझाएंगे।