राजनंदगांव

Chhattisgarh News: धान खरीदी में गड़बड़ी की तो खैर नहीं, बिचौलियों पर रहेगी प्रशासन की नजर, 15 नवंबर से शुरू होगी खरीदी

Paddy Procurement in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होगी। राजनांदगांव में गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन सख्त, बिचौलियों पर निगरानी और लापरवाही पर कार्रवाई होगी।
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Updated: 4 Nov 2026, 2:10 PM IST
Chhattisgarh News
हार्वेस्टर से खेत में धान की कटाई (Photo Patrika)

Paddy Procurement in Chhattisgarh: समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में पारदर्शिता और किसानों की सुविधा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी, अवैध धान खपाने और बिचौलियों की दखलंदाजी रोकने के लिए प्रशासन सख्त निगरानी रखेगा। किसी भी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों को लेकर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित कर अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि इस वर्ष धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक होगी। भारत सरकार की ओर से निर्धारित समर्थन मूल्य के अनुसार सामान्य धान 2441 रुपए और ग्रेड-ए धान 2461 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा।

पारदर्शिता बरतने निर्देश

अधिकारियों को किसान पंजीयन, रकबे का सत्यापन, आधार प्रमाणीकरण और टोकन व्यवस्था में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए गए। धान की गुणवत्ता, इलेक्ट्रॉनिक तौल, बारदाना प्रबंधन और सुरक्षित भंडारण पर भी जोर दिया गया। धान एवं चावल के परिवहन और निगरानी के लिए व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस), कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा उडऩदस्ता दल सक्रिय रहेंगे।

मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराएंगे

कलेक्टर ने खरीदी केंद्रों में बारदाना, तौल मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, श्रमिकों, पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित करने को कहा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पंजीयन और बैंक खाते की जानकारी जांच लें तथा साफ और सूखा धान ही खरीदी केंद्रों में लाएं। बिचौलियों पर नजर रखेंगे।

किसानों को भी दी गई जरूरी सलाह

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे धान खरीदी शुरू होने से पहले अपने पंजीयन और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी की जांच कर लें। खरीदी केंद्रों में साफ और सूखा धान ही लेकर पहुंचें, ताकि गुणवत्ता जांच के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। प्रशासन का कहना है कि पूरी खरीदी प्रक्रिया में किसानों की सुविधा, पारदर्शिता और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। जिला प्रशासन ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था, अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बिचौलियों और अवैध धान खपाने वालों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।

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4 Nov 2026, 2:10 PM IST
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