राजसमंद

राजसमंद में आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण जल्द होगा शुरू, 49 लाख से बनेगा शेल्टर होम

जिले में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी और उनके काटने की घटनाओं से परेशान लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
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Updated: 25 Oct 2026, 4:24 PM IST
Dog Shelter home
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राजसमंद. जिले में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी और उनके काटने की घटनाओं से परेशान लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नगर परिषद की ओर से गूजरघुड़ा, सनवाड़ स्थित कचरा निस्तारण स्थल के पास करीब 2500 वर्ग फीट क्षेत्र में शेल्टर होम एवं बर्थ कंट्रोल केंद्र बनाया जाएगा। केंद्र बनने तक आगामी कुछ दिनों में चिन्हित स्थल पर नसबंदी और रेबीज टीकाकरण शुरू किया जाएगा। नगर परिषद के सहायक अभियंता नंदलाल सुथार ने बताया कि परियोजना के लिए करीब 49 लाख रुपये की लागत से निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद चार माह में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। केंद्र में लॉबी, प्रशासनिक कक्ष, वेटिंग हॉल, स्टाफ रूम, प्री एवं पोस्ट ऑपरेशन रूम, मेडिकल स्टोर और शौचालय बनाए जाएंगे। शुरुआत में 15 कुत्तों की क्षमता होगी और चार गुणा चार फीट के क्वारंटाइन केबिन बनाए जाएंगे। जरूरत के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाई जा सकेगी। परिसर के बीच करीब 220 वर्ग फीट में हरित क्षेत्र भी विकसित होगा। नसबंदी और उपचार के बाद कुत्तों को दो से तीन दिन चिकित्सकीय निगरानी में रखकर स्वस्थ होने पर मूल स्थान पर छोड़ा जाएगा।

शेल्टर होम बनने से पहले शुरू होगी प्रक्रिया

स्वायत्त शासन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना में एनिमल बर्थ कंट्रोल नियम-2023 के तहत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नगर परिषद ने करीब नौ लाख रुपये की निविदा के माध्यम से एक एजेंसी से अनुबंध किया है। वर्क ऑर्डर जारी होते ही सामुदायिक भवन या नगर परिषद के चिन्हित स्थान पर नसबंदी और रेबीज टीकाकरण शुरू किया जाएगा। राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के अनुसार, अप्रैल से सितंबर 2026 तक जिले में कुत्तों के काटने के 2,019 मामले दर्ज हुए। आरके अस्पताल के पीएमओ डॉ. रमेश रजक ने बताया कि अगस्त से दिसंबर 2024 तक 345, जनवरी से दिसंबर 2025 तक 908 और जनवरी से अगस्त 2026 तक 686 मामले दर्ज किए गए।

नियमों के अनुसार होगी निगरानी

गाइडलाइन के तहत नगरीय निकायों के लिए नसबंदी और एंटी रेबीज टीकाकरण संयुक्त रूप से कराना अनिवार्य है। कुत्तों को नसबंदी और उपचार के बाद उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जहां से पकड़ा गया था। वार्डों में भोजन स्थल बच्चों और बुजुर्गों के खेलने या घूमने की जगहों तथा मुख्य प्रवेश द्वारों से दूर तय किए जाएंगे। कार्यक्रम केवल भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड से मान्यता प्राप्त और प्रोजेक्ट रिकग्निशन सर्टिफिकेट वाली संस्थाएं चला सकेंगी।

इनका कहना है

आवारा कुत्तों के काटने की घटनाओं को देखते हुए उनकी नसबंदी और रेबीज टीकाकरण के लिए शेल्टर होम बनाया जाएगा। इसके बाद कुत्तों को उनके मूल स्थान पर छोड़ा जाएगा।

- विजेश मंत्री, आयुक्त, नगर परिषद राजसमंद

Updated on:
25 Oct 2026, 4:24 PM IST
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