नाथद्वारा थाना क्षेत्र के मोगाणा गांव में ज़मीन विवाद ने सोमवार को खूनी मोड़ ले लिया, जब दो पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे वसीयत और गोदनामे को लेकर झगड़ा जानलेवा बन गया।
नाथद्वारा/राजसमंद. नाथद्वारा थाना क्षेत्र के मोगाणा गांव में ज़मीन विवाद ने सोमवार को खूनी मोड़ ले लिया, जब दो पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे वसीयत और गोदनामे को लेकर झगड़ा जानलेवा बन गया। हमले में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग मोहनलाल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि मामला बेशक़ीमती जमीन को लेकर था। लोगर भील, जो मूल रूप से देपुर का था लेकिन मोगाणा में गोद लिया गया था, उसने 2009 में खेमराज को गोद लिया। परंतु 2020 में लोगर ने उसी ज़मीन को मोहनलाल (मृतक) के नाम वसीयत कर दी। लोगर की 2021 में मौत के बाद से ही दोनों पक्षों में मालिकाना हक को लेकर कोर्ट में विवाद चल रहा था, जो अंततः हिंसा में बदल गया।
8 अप्रैल की सुबह खेमराज, सोहनलाल और उनके परिजन मोगाणा सरहद पर स्थित खेत पर पहुंचे और लाठी-पाइप से हमला कर दिया। इस हमले में मोहनलाल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी उदयपुर रेफर करने के बाद मौत हो गई। उनके बेटों कैलाश और गणेश को भी चोटें आईं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी नरेंद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने दोनों आरोपी खेमराज भील और सोहनलाल भील को गिरफ्तार किया। हमले में उपयोग हथियार जब्त कर लिए और घटनास्थल का फोरेंसिक और एमओबी द्वारा निरीक्षण किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।