राज्य सरकार ने बजट में 150 करोड़ की लागत से खारी फीडर को चौड़ा कराने की घोषणा की थी। इसके लिए टेण्डर भी आमंत्रित किए गए हैं। डीएमएफटी की बैठक में आगामी तीनों साल के लिए करीब 75 करोड़ रुपए वित पोषित करने का अनुमोदन किया है।
राजसमन्द. कलक्ट्रेट सभागार में डिस्ट्रीक्ट मिनरल फाउण्डेशन ट्रस्ट की गवर्निग काउसिंल की सोलहवीं बैठक जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई। इसमें कुंभलगढ़ विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़, भीम विधायक हरिसिंह रावत, राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी और नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ आदि उपस्थित रहे।
बैठक में सदस्य सचिव की ओर से प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना-2024 की नवीन गाइड लाइन के संबंध में जानकारी देकर अवगत कराया गया कि वर्तमान दिशा निर्देशों के अनुसार उच्च प्राथमिकता क्षेत्र यथा-पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण विकास, कौशल विकास, स्वच्छता, कृषि, पशुपालन आदि में 70 प्रतिशत एवं अन्य प्राथमिकता क्षेत्र यथा-सडक़ निर्माण, ढांचागत निर्माण आदि में 30 प्रतिशत के अनुपात में विकास कार्य कराए जा सकते हैं।
डीएमएफटी की बैठक में खारी फीडर की प्रवाह क्षमता को बढाने के लिए राज्य सरकार की बजट घोषणा के क्रम में कंवर्जेन्स कर 50 प्रतिशत राशि अथवा अधिकतम 25 करोड़ प्रतिवर्ष आगामी तीन वित्तीय वर्षों में डीएमएफटी मद से वित्त पोषित करने का अनुमोदन किया गया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार बजट में 150 करोड़ से खारी फीडर को चौड़ा करने की घोषणा की थी। सिंचाई विभाग की ओर से गत माह इसके लिए टेण्डर भी अपलोड कर दिए हैं। जिन्हें 27 दिसम्बर को खोला जाना प्रस्तावित है।
सदस्य सचिव की ओर से अब तक ट्रस्ट की ओर से स्वीकृत विकास कार्यों की प्रगति प्रस्तुत करते हुए बताया कि 1679.75 करोड़ के 3299 कार्यों में से 1096.22 का हस्तान्तरण कार्यकारी संस्थाओं को किया जा चुका है। इनमें से 2215 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। ट्रस्ट के आय-व्यय के बारे में बताया कि डीएमएफटी फण्ड में अब तक 2356.31 करोड़ रुपए की आय हुई। दायित्वों को छोडऩे के पश्चात लगभग 250 करोड़ की राशि आगामी विकास कार्यों के लिए उपलब्ध है। बैठक में जिले के सर्वांगीण विकास शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, महिला एवं बाल विकास से संबंधित विभिन्न विकास कार्यों तथा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा के विकास के कार्यों का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया।
बैठक में उल्लेखनीय कार्यों में लगभग राशि 6.50 करोड़ रुपए से 229 विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय निर्माण, बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सेनेट्री पेड वेंडिंग मशीन व इन्सीनेटर उपलब्ध कराने, 2 करोड़ की लागत से 100 आंगनबाड़ी केन्द्रों को मैया घर में उन्नयन करने, जिले के आर.के चिकित्सालय में लगभग एक करोड़ लागत के चिकित्सकीय उपकरण, चिकित्सालय में अतिरिक्त चिकित्सक नर्सिंगकर्मी एवं अन्य स्टाफ उपलब्ध कराने, 1.20 करोड़ की लागत से राजीविका महिला एवं सहायता समूह के उत्पादों का निर्माण एवं प्रदर्शन के लिए रूलर मार्ट एवं राजीविका कार्यशाला का निर्माण,10 करोड़ की लागत से ग्राम पंचायतों में स्वच्छता के लिए 116 ऑटो टिपर उपलब्ध करवाने, वृक्षारोपण के कार्यों को कराये जाने के साथ-साथ अन्य कई विकास कार्यों का अनुमोदन किया गया।
बैठक में समस्त विधायकों ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वीकृत कार्य समय पर पूर्ण हो ताकि जनता को समय पर राहत मिले। बैठक के दौरान जनहित से जुड़े संयत प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की गई और यह तय किया गया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। विधायकों ने इस बात पर बल दिया कि किसी भी परियोजना में गुणवत्ता से समझौता न हो, ताकि जनता को स्थायी लाभ मिल सके। विधायकों ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजनाओं की निगरानी नियमित रूप से की जाए और यदि किसी स्तर पर बाधा आए तो तुरंत समाधान निकाला जाए।