सरकार की ओर से खाद्य सुरक्षा की सूची में शामिल अपात्र लोगों को गिव अप अभियान के तहत स्वेच्छा से नाम हटवाने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद अपात्र नाम नहीं हटवाने वाले लाभार्थियों को रसद विभाग ने नोटिस जारी करना प्रारंभ कर दिया है।
राजसमंद. खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्रता सूची में से अपात्र उपभोक्ताओं के स्वेच्छा से नाम हटवाने के लिए चलाए जा रहे गिव-अप अभियान की तिथि बढ़ा दी गई है। साथ ही विभाग की ओर से राशन नहीं छोडऩे वाले 20 अपात्र उपभोक्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिला रसद अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में निर्धारित मापदण्ड अनुसार अपात्र व्यक्तियों का नाम हटाने के लिए संचालित अभियान की अन्तिम तिथि 31 जनवरी से बढ़ाकर 28 फरवरी तक कर दी गई है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में चयनित ऐसे परिवार जो निष्कासन श्रेणी में आता है तो वे तुरंत संबंधित उपखण्ड कार्यालय अथवा जिला रसद कार्यालय में उपस्थित होकर गिव-अप अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा योजना में से स्वेच्छा से नाम हटाने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकता है। इसके पश्चात अपात्र परिवारों के विरूद्ध खाद्य विभाग से प्रदत्त निर्देशानुसार वसूली एवं विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रवर्तन अधिकारी राजसमंद ने जिले में अपात्रों को चिन्हित कर जिला रसद अधिकारी को रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस पर विभाग की ओर से अपात्र लोगों की ओर से राशन का गेंहू नही छोडने पर कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। आगामी दिनों में उक्त प्रक्रिया में अपात्रों की ओर से गेंहू नहीं छोडऩे नोटिस के साथ लिए गए सम्पूर्ण राशन पर 27 रुपए प्रतिकिलो की दर से वसूली की कार्यवाही की जाएगी।
खाद्य विभाग की ओर से केवाईसी करवाई गई है, इसके तहत लाभार्थियों के राशनकार्ड से आधार कार्ड जुड़ गए है। आधार कार्ड से पैन कार्ड लिंक है, पैन कार्ड से बैंक खाता जुड़ा होने के कारण खाते में आने वाले भुगतान और आईटीआर आदि की जानकारी मिल जाएगी। साथ ही परिवहन विभाग को सूची भेजकर उनके नाम से रजिस्टर्ड चौपहिया वाहनों की जानकारी निकलवाई जाएगी। इससे अपात्र उपभोक्ता तुरंत पकड़ में आएंगे ओर उनसे वसूली एवं विधिक कार्यवाही की जाएगी।