राजसमंद

सड़कों पर गड्ढे, हिचकोले खा रही जिंदगी: कमर दर्द की समस्या से जूझ रहे लोग, बढ़ रहा मरीजों का आंकड़ा

Rajasthan News: सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई है।
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Updated: 13 Sep 2024, 2:40 PM IST
New road in dausa

Rajsamand News :  राजसमंद। नगर परिषद क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाली सड़कों की हालत खस्ता है। स्थिति यह है कि सड़कें गड्ढ़ो में तब्दील हो गई है। सड़कों पर गड्ढ़ों से वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। साथ ही हादसे की आंशका बनी रहती है। इसके बावजूद इस और ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे आमजन जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

जिला मुख्यालय पर सावन माह सूखा निकलने के बाद पिछले एक माह से बारिश का दौर जारी है। बारिश भी नियमित अन्तराल में हो रही है और भारी वर्षा अभी तक जिला मुख्यालय पर नहीं हुई है। इसके बावजूद सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढ़े हो गए हैं।

सर्वाधिक स्थिति भीलवाड़ा रोड कमला नेहरू हॉस्पिटल के सामने, मालीवाड़ा, 60 फीट रोड, कांकरोली सब्जी मंडी रोड, गाडरियावास रोड, जलचक्की से चौपाटी के बीच के रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इनमें बारिश का पानी भरने के बाद रात्रि के समय दिखाई नहीं देते हैं।

गाड़ी इन गड्ढों से गुजरती है तो वाहन चालक एवं उसके पीछे बैठी सवारी के कमर में झटका लगने से कई तरह की परेशानी हो रही है। नगर परिषद की ओर से इनकी सुध नहीं ले रहे है। उल्लेखनीय है कि महादेव कॉलोनी सहित कई जगह बारिश से पहले ही रोड बनी है, लेकिन उनकी हालत खस्ता हो गई है।

डामर की सड़क में सीमेंट का लगा रहे पैबंद

नगर परिषद की ओर से डामर की सड़कों पर सीमेंट का पैबंद लगाने का प्रयास किया जा रहा है। शहर के जलक्की से राठासेण माता मंदिर के बीच गत दिनों सीवरेज के चैबर ऊंचे किए थे। वहां पर दो-तीन बार सीमेंट, कंकरीट और बजरी मिलाकर लगाकर लगा दी, लेकिन वह दो-तीन दिन में उखड़ जाती है। धोईंदा रोड पर कई स्थानों डामर की सड़क पर कंकरीट और सीमेंट डाली गई, लेकिन वह भी उखड़ गई। इसी प्रकार अन्य स्थानों पर भी ऐसा किया गया है।

कमर दर्द के रोगियों की संख्या बढ़ी, पहुंच रहे अस्पताल

गाड़ी का पहिया गड्ढे में कूदने पर कमर में झटका लगता है। इससे कमर दर्द के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। पहले आर.के. में 10 से 15 रोगी आते थे, लेकिन अब इनकी संख्या 20 से 25 तक पहुंच गई है। गड्ढ़ों में गिरने से घायल होकर भी दो-तीन लोग उपचार के लिए आए हैं। - डॉ. जितेन्द्र राठौड़, हड्डी रोग विशेषज्ञ आर.के. हॉस्पिटल राजसमंद

जिला मुख्यालय पर सबसे कम 598 एमएम बारिश

राजसमंद जिला मुख्यालय पर अभी तक पूरे जिले में सबसे कम बारिश मात्र 598 एमएम हुई है। इतनी सी बारिश में सड़कों की हालत खस्ता हो गई है तो देवगढ़ की तरह 1140 एमएम बारिश हो जाती तो सड़कों की स्थिति क्या होती। इससे नगर परिषद की ओर से बनवाई गई सडक़ों की क्वालिटी और उनके रख-रखाव पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है।

50 लाख के किए टेण्डर, बारिश बंद होते ही काम होगा शुरू

नगर परिषद की क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए 50 लाख के टेण्डर किए गए हैं। उन्हें जल्द खोला जाएगा। बारिश के बंद होते ही इन्हें दुरुस्त कराने का काम शुरू हो जाएगा। इसी प्रकार धोईंदा रोड के लिए भी टेण्डर किए गए हैं। - बृजेश रॉय, आयुक्त नगर परिषद राजसमंद

Updated on:
13 Sep 2024, 2:40 PM IST
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