
वोट चोरी के मामले में बैठक में चर्चा करते कांग्रेस पदाधिकारी
राजसमंद. देश में लोकतंत्र और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा के उद्देश्य से कांग्रेस की ओर से चलाए जा रहे दो माह के राष्ट्रव्यापी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत राजसमंद जिला मुख्यालय पर रविवार को प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने की आशंकाओं, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। प्रेस वार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पर्यवेक्षक एवं इंदौर के पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष हरिसिंह राठौड़ तथा नारायण सिंह भाटी ने अभियान के उद्देश्यों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।मताधिकार की रक्षा के लिए राष्ट्रव्यापी अभियानप्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एआईसीसी पर्यवेक्षक सत्यनारायण पटेल ने कहा कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा करना और प्रत्येक नागरिक के अमूल्य मताधिकार को सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूचियों से मनमाने ढंग से नाम हटाए जाने की आशंकाओं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में यह आंदोलन शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस अभियान को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। कांग्रेस की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और चुनावी प्रक्रिया में आवश्यक सुधार किए जाएं। पार्टी का कहना है कि इन मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। पटेल ने बताया कि अभियान के तहत ब्लॉक और बूथ स्तर पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) तथा ‘वोट रक्षक’ स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूचियों में हटाए गए या कथित रूप से प्रभावित नामों का बूथवार सत्यापन करना है, ताकि मतदाताओं से जुड़े मामलों को सामने लाया जा सके। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष आदित्य प्रतापसिंह चौहान, कांग्रेस नेता हरिसिंह राठौड़, नारायणसिंह भाटी, पूर्व सभापति अशोक टाक, हिमानी नंदवाना सहित अनेक कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।
अभियान के तहत प्रस्तावित गतिविधियों का उल्लेख करते हुए बताया कि 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ विशाल महारैली आयोजित करने की योजना है। इसके बाद अभियान के चौथे चरण के तहत 25 और 26 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम के माध्यम से जनता की आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
Updated on:
26 Oct 2026, 2:05 PM IST
Published on:
26 Oct 2026, 1:56 PM IST
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