
Akhilesh Yadav to Meet Azam Khan in Rampur Jail: उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के स्वागत में शहर के कई स्थानों पर पोस्टर लगाए गए हैं। अखिलेश यादव आज रामपुर दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वह जिला जेल में बंद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके परिवार से मुलाकात करेंगे। उनके दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत की तैयारियां की हैं। शहर में लगाए गए पोस्टरों के जरिए अखिलेश यादव का स्वागत किया जा रहा है। सपा प्रमुख के इस दौरे पर राजनीतिक हलकों की भी नजर है। अखिलेश यादव दोपहर करीब 12:30 बजे जिला जेल में आजम खान से मिलेंगे। इसके बाद वह उनके आवास पर जाकर परिवार से मुलाकात करेंगे।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अखिलेश यादव के रामपुर दौरे को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अखिलेश यादव 370 दिनों के बाद आजम खान से मिलने जा रहे हैं। उन्होंने इस मुलाकात को आगामी चुनाव से पहले मुसलमानों को अपने पक्ष में करने की कोशिश बताया। मौलाना ने दावा किया कि अखिलेश यादव की यह कोशिश सफल नहीं होगी। उनके मुताबिक, आजम खान का राजनीतिक प्रभाव पहले जैसा नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग भी इस मुलाकात को लेकर बहुत देर कर दी मेहरबान आते-आते।
मौलाना शहाबुद्दीन ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने हमेशा मुसलमानों का राजनीतिक इस्तेमाल किया और बाद में उन्हें धोखा दिया। मौलाना का कहना है कि मुसलमानों को समाजवादी पार्टी से कभी कुछ हासिल नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि आजम खान से मुलाकात करने के बाद भी अखिलेश यादव को कोई राजनीतिक फायदा नहीं मिलने वाला है।
तय कार्यक्रम के मुताबिक, सपा प्रमुख अखिलेश यादव गुरुवार को करीब 12:30 बजे निजी हेलीकॉप्टर से रामपुर पहुंचेंगे। उनका हेलीकॉप्टर जौहर यूनिवर्सिटी के हेलीपैड पर उतरेगा। इसके बाद अखिलेश यादव रामपुर जिला जेल जाएंगे, जहां वह वरिष्ठ सपा नेता आजम खान से मुलाकात करेंगे। जेल में दोनों नेताओं की मुलाकात करीब 45 मिनट तक चलने की उम्मीद है।
जेल से निकलने के बाद अखिलेश यादव जेल रोड स्थित आजम खान के आवास पर जाएंगे। वहां वह उनके परिवार के सदस्यों से मिलेंगे। परिवार के साथ उनकी मुलाकात करीब एक घंटे तक चलने का कार्यक्रम है।
दूसरी ओर, आजम खान की कानूनी मुश्किलें भी बढ़ी हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के बाद 13 अक्टूबर की रात रामपुर के अजीमनगर थाने में नई एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें सपा के पूर्व सांसद आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, जौहर यूनिवर्सिटी और कुछ ठेकेदारों को नामजद किया गया है। इस मामले के कारण आजम खान की रिहाई को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
जांच में जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण पर खर्च की गई रकम को लेकर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में 494.46 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि आयकर रिटर्न में केवल 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च दिखाया गया। इस तरह करीब 416 करोड़ रुपये के खर्च का हिसाब छिपाने का आरोप है। इस मामले में जेल में बंद आजम खान से पूछताछ भी की जा चुकी है।