आजम खान के बयान पर हमलावर हुई भाजपा चुनाव आयोग ने केस दर्ज कराने के बाद मंगाई वीडियो क्लिप आजम खान ने दी सफाई, बोले दोषी पाए जाने पर नहीं लड़ूंगा चुनाव
रामपुर. चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बसपा सुप्रीमो मायावती पर चाबुक चलाने के बाद अब सपा नेता आजम खान के खिलाफ भी आयोग ने सख्त रुख इख्तियार कर लिया है। रामपुर से चुनाव लड़ रही भाजपा उम्मीदवार जया प्रदा के खिलाफ बयान देकर सपा नेता इस बार फंसते नजर आ रहे हैं। चुनाव आयोग ने आजम खान के खिलाफ केस दर्ज कराने के बाद उनके विवादित भाषण की क्लिप भी मंगवाई है। माना जा रहा है कि आयोग वीडियो क्लिप देखने के बाद उनके खिलाफ और भी सक्त कार्रवाई कर सकता है।
गौरतलब है कि रविवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव की सभा में आजम खान ने कहा था कि जिसको हम उंगली पकड़कर रामपुर लाए। आपने 10 साल जिससे अपना प्रतिनिधित्व कराया। उसकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लगे। मैं 17 दिन में पहचान गया कि इनके नीचे का अंडरवियर खाकी रंग का है। आजम खान के इस बयान को जया प्रदा से जोड़कर देखा गया। इसके बाद जहां राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले में कार्रवाई की बात कही है, वहीं केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज ने भी आजम पर हमला बोला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग की तरफ से रविवार रात को कोतवाली शाहबाद में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
हालांकि, आजम खान ने अपनी सफाई में कहा है कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया। 'मैं रामपुर से नौ बार विधायक और एक बार मंत्री रहा हूं। मुझे पता है क्या कहना है। अगर कोई यह साबित कर दे कि मैंने किसी का नाम लेकर अपमान किया, तो मैं चुनाव से हाथ पीछे कर लूंगा।' उन्होंन ये भी कहा कि मैं दिल्ली के एक व्यक्ति का जिक्र कर रहा था जो अस्वस्थ है, जिसने कहा था, 'मैं 150 राइफलें लेकर आया था और अगर मैंने उसे देखा होता तो मैं आजम को गोली मार देता।' उसके बारे में बात करते हुए, मैंने कहा, 'लोगों को जानने में काफी समय लगा और बाद में पता चला कि वह आरएसएस शॉट्र्स पहने हुए था।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के प्रचार करने पर रोक लगा दी है. चुनाव आयोग की ये रोक 16 अप्रैल से शुरू होगी. जो कि योगी आदित्यनाथ के लिए 72 घंटे और मायावती के लिए 48 घंटे तक लागू रहेगी।