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रामपुर कोर्ट में आजम खान परिवार पर कानूनी शिकंजा: दो पासपोर्ट केस और स्कूल फर्जीवाड़ा मामले में सुनवाई

Rampur News: रामपुर की अदालत में आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान से जुड़े दो अहम मामलों में सुनवाई हुई।

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azam abdullah rampur court hearing

रामपुर कोर्ट में आजम खान परिवार पर कानूनी शिकंजा..

Azam Abdullah Rampur: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान से जुड़े दो चर्चित मामलों में मंगलवार को रामपुर की सांसद-विधायक अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। दोनों मामलों में अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी। इन मामलों को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

अब्दुल्ला आजम के दो पासपोर्ट मामले में सुनवाई

अब्दुल्ला आजम खान से जुड़ा पहला मामला दो अलग-अलग पासपोर्ट रखने के आरोप से संबंधित है। इस प्रकरण में सांसद-विधायक अदालत पहले ही अब्दुल्ला आजम को दोषी मानते हुए सात वर्ष की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना सुना चुकी है। अदालत के फैसले के बाद यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया था, क्योंकि यह सीधे जनप्रतिनिधित्व और दस्तावेजी सत्यता से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की अपील

अदालत के फैसले के खिलाफ बचाव पक्ष ने सत्र न्यायालय में अपील दाखिल कर सजा को चुनौती दी है। वहीं अभियोजन पक्ष ने भी अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए सजा बढ़ाने की मांग की है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से बहस शुरू की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 मई 2026 की तारीख निर्धारित कर दी।

जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े स्कूल मामले में भी हुई सुनवाई

दूसरा मामला आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले जौहर विश्वविद्यालय परिसर में संचालित रामपुर पब्लिक स्कूल की मान्यता से जुड़ा है। आरोप है कि समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान विद्यालय की मान्यता दिलाने की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई और दस्तावेजों में कथित अनियमितताएं की गईं। इस मामले में शहर कोतवाली में आजम खान समेत बेसिक शिक्षा विभाग के एक कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

गवाही के दौरान कई अहम बिंदु सामने आए

मंगलवार को हुई सुनवाई में तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी प्रेम सिंह राणा अदालत में पेश हुए और उन्होंने अपने बयान दर्ज कराए। सूत्रों के अनुसार, उनकी गवाही के दौरान विद्यालय की मान्यता प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। हालांकि उनकी गवाही अभी पूरी नहीं हो सकी है और अदालत ने इसे आगे भी जारी रखने का निर्देश दिया है।

विद्यालय की मान्यता से जुड़े दस्तावेज तलब

सुनवाई के दौरान अदालत ने विद्यालय की मान्यता प्रक्रिया से जुड़े अभिलेख भी तलब किए हैं, ताकि मामले की तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट हो सके। अभियोजन अधिकारी स्वदेश शर्मा ने बताया कि अदालत अब उपलब्ध दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की सुनवाई करेगी। इस मामले की अगली सुनवाई 29 मई 2026 को निर्धारित की गई है।

दोनों मामलों पर राजनीतिक हलकों की नजर

आजम खान और उनके परिवार से जुड़े ये दोनों मामले लंबे समय से चर्चा में बने हुए हैं। अदालत में हो रही लगातार सुनवाई और अभियोजन पक्ष की सक्रियता को देखते हुए राजनीतिक गलियारों में भी इन मामलों को लेकर खास दिलचस्पी बनी हुई है। आने वाली तारीखों पर अदालत की कार्रवाई इस पूरे प्रकरण में आगे की दिशा तय कर सकती है।