रांची

रांची:तिहरे हत्याकांड में दामाद को आजीवन कारावास तो पत्नी के हत्यारे को उम्रकैद

अदालत ने हत्या के दो मामलों के आरोपियों को सजा सुना दी है...
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Updated: 13 Jun 2018, 4:04 PM IST
court order
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रवि सिन्हा की रिपोर्ट...

(रांची): झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में वर्ष 2012 में सास, ससुर और सिस्टर इन लॉ की हत्या के आरोप में निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी है। एक अन्य मामले में बोकारो की एक अदालत ने पत्नी की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा दी! जमशेदपुर के एडीजे प्रभाकर कुमार की अदालत ने 27 नवंबर 2012 के तिहरे हत्याकांड में दोषी करार प्रलय दास को आजीवन कारावास के साथ ही 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

बनना चाहता था वारिस बन गया हत्यारा

वारिस बनने के लिए प्रलय दास ने बारीडीह स्थित ट्यूब कॉलोनी में रहने वाले टाटा स्टील के सेवानिवृत्त कर्मचारी और ससुर रतन चटर्जी, सास श्यामली और सिस्टर इन लॉ पियाली की हत्या की थी। अदालत ने प्रलय दास के तीन साथी टिंकू यादव, उसके भाई अमर यादव और राहुल मुंडा को साक्ष्य के अभाव बरी कर दिया गया। लोक अभियोजक ने बताया कि अदालत ने मंगलवार को ही प्रलय दास को दोषी करार दिया था। इस मामले में प्रलय दास की पत्नी समेत 13 लोगों की गवाही के आधार पर उसे दोषी करार दिया गया है। प्रलय दास ने मृतक रतन चटर्जी की सारी संपत्ति का वारिस बनने की चक्कर में इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले की छानबीन के बाद कई पुख्ता साक्ष्य अदालत में पेश किए थे।

हत्या को आत्महत्या का रुप देने की कोशिश

बोकारो जिले के अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय जर्नादन सिंह की अदालत ने पत्नी की हत्या के आरोप में राजेश रजवार को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। राजेश रजवान ने 29 जून 2017 को अमलाबाद थाना क्षेत्र के मानपुर में पत्नी की हत्या कर शव को फांसी पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की जांच में सच सामने आ गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।

मोटर साइकिल की मांग पूरी न करने पर पत्नी को उतारा मौत के घाट

राजेश की शादी घटना के करीब डेढ़ साल पहले चास प्रखंड के कामलडीह निवासी 20 वर्षीय मंजू के साथ हुई थी। मृतका के मायकों वाला ने बताया कि शादी के बाद से ही राजेश लगातार मोटरसाइकिल की मांग कर रहा था। मोटरसाइकिल नहीं मिलने पर राजेश ने 29 जून को मंजू की गला दबाकर हत्या कर दी और फिर शव को फांसी के फंदे में लटका कर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। इस मामले में मृतका की मां की ओर से स्थानीय थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जिसके बाद पुलिस ने गहन छानबीन के बाद राजेश के खिलाफ कई साक्ष्य जुटाए और आज अदालत ने उसे सजा सुनाई।

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