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‘भाजपा-जदयू में दो फाड़’, चुनाव में अकेले-अकेले लड़ने की तैयारी

झारखंड में भाजपा और जदयू में दो फाड़ हो गई है।
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नई दिल्ली

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Kaushlendra Pathak

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Updated: 13 Jun 2018, 1:58 PM IST

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'भाजपा-जदयू में दो फाड़', चुनाव में अकेले-अकेले लड़ने की तैयारी

नई दिल्ली। बिहार में भले ही भाजपा और जदयू के संबंध अच्छे हों। लेकिन, झारखंड में दोनों के सबंध दिन ब दिन बिगड़ते जा रहे हैं। हाल यह है कि जदयू झारखंड में न तो सरकार का पूरी तरह समर्थन कर पा रही और न ही इसकी किसी नीति का खुलकर विरोध ही कर पा रही है। शायद इसी का परिणाम है कि प्रदेश प्रभारी ने खुलकर कह दिया कि झारखंड में जदयू का भाजपा के साथ कोई गठबंधन नहीं है।

सभी सीटों पर अलग चुनाव लड़ेगी जदयू

दरअसल, झारखंड में जदयू के नेता यह ख्वाब देख रहे थे कि यहां भी भाजपा के साथ गठबंधन होगा और उन्हें सरकार से सटने का मौका मिलेगा। लेकिन, झारखंड में भाजपा ने जदयू को कोई तवज्जो नहीं दी। नगर निकाय चुनाव और उपचुनाव में भी कोई सहयोग नहीं लिया। झारखंड में जदयू की उपेक्षा का आलम यह है कि स्वयं प्रदेश प्रभारी रामसेवक सिंह को पिछले दिनों स्वीकार करना पड़ा कि उनका झारखंड में भाजपा के साथ कोई गठबंधन नहीं है। पार्टी विधानसभा की सभी 81 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।

25 जून से सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेगी जदयू

हालांकि, पिछले दिनों हुई कार्यसमिति की बैठक में कार्यकर्ताओं के दबाव पर लंबे अरसे बाद तय हुआ कि पार्टी राज्य सरकार के अच्छे कार्यों की प्रशंसा करेगी, लेकिन जनता से जुड़े मुद्दों तथा सरकार की खामियों को लेकर जनता के सामने भी जाएगी। अगामी 25 जून को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में इन मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी नेताओं ने यहां तक कहा कि धरना-प्रदर्शन के बावजूद भी सरकार नहीं चेतेगी तो पार्टी राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिलकर इस ओर उनका ध्यान आकर्षित कराएगी।

गौरतलब है कि झारखंड में एक भी विधायक जदयू से नहीं है। संगठन को मजबूत करने की बात हो तो दो-चार महीने पर प्रदेश प्रभारी व सह प्रभारी आकर एक-दो दिन बैठक कर चले जाते हैं। पार्टी की गतिविधियां यहां नहीं के बराबर हैं। अब देखना है यह है कि आनेवाले लोकसभा चुनाव और विधानसभा में इसका क्या असर पड़ता है।