सातवें वेतनमान पर शिक्षक संघ ने जताया आक्रोश, बदलाव की मांग

शिक्षक संघ का कहना है कि इससे शिक्षकों को आर्थिक नुकसान होगा।

less than 1 minute read
Jan 18, 2017
teacher
रांची। झारखंड सरकार द्वारा एक जनवरी 2016 से सातवां वेतनमान लागू किए जाने पर शिक्षक संघों ने हर्ष जताया है। इसके साथ ही शिक्षकों के पूर्व के वेतन विसंगति को दूर किए बिना इसे लागू करने को गलत बताया है। शिक्षक संघ का कहना है कि इससे शिक्षकों को आर्थिक नुकसान होगा।

शिक्षकों को जो लाभ मिलना चाहिए था, वह नहीं मिलेगा। शिक्षक संघ ने सरकार से इसमें बदलाव की मांग की है। राज्य
प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव योगेंद्र तिवारी ने राज्य कर्मियों के लिए सातवां वेतनमान लागू करने के झारखंड सरकार के निर्णय पर हर्ष जताया है।

उन्होंने इसके लिए संघ की ओर मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। इसके साथ ही इसमें बदलाव की भी मांग की है। श्री तिवारी ने कहा है कि सरकार के निर्णय से एक ओर जहां एक जनवरी 2016 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों में हर्ष है, वहीं दूसरी ओर इससे पूर्व सेवानिवृत्त कर्मियों को इससे अलग रखना निराशाजनक है।

बदलाव की मांग

उन्होंने राज्य सरकार से केंद्र की भांति कर्मचारियों व शिक्षकों को भी संशोधित केंद्रीय वेतनमान, मकान भाड़ा व अन्य स्वीकृत लाभ देने की मांग की है। उन्होंने बकाया भुगतान वर्तमान वित्तीय वर्ष में ही करने की मांग की है।
नहीं मिलेगा पूरा लाभ
झारखंड प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष संजय महतो ने सातवें वेतनमान लागू करने के लिए सरकार व मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा है कि सरकार के सातवें वेतनमान का पूरा लाभ शिक्षकों को नहीं मिलेगा।
Published on:
18 Jan 2017 11:24 am
Also Read
View All