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बंगाल में सुवेंदु अधिकारी को युग बदलने की कमान; सामने है कई गंभीर चुनौतियां

Suvendu Adhikari: बंगाल में भाजपा के पहले सीएम बनने पर सुवेंदु अधिकारी के लिए सुरक्षा का भरोसा पैदा करना और चुनावी वादों का भार हल्का करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

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भारत

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Saurabh Mall

May 09, 2026

Mamata Banerjee vs Suvendu Adhikari

फोटो में सुवेंदु अधिकारी और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी (इमेज सोर्स: ANI)

Suvendu Adhikari Latest Update: देश की राजनीति के लिए शुक्रवार एक अलग दिन रहा जब दो प्रमुख राज्यों में सत्ता संभालने के लिए दो नए नेताओं के हाथ में कमान आ गई। बंपर चुनावी जीत के बाद पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बना रही भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री चुना जिनके सामने राज्य के हालात सुधारने की बड़ी चुनौती है। अधिकारी शनिवार को सुबह 11 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे, समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में 108 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरे टीवीके के नेता विजय को बहुमत के लिए जरूरी 11 विधायकों के समर्थन का चार दलों का समर्थन पत्र मिल गया। वह सीएम की कुर्सी के निकट पहुंच गए और राज्यपाल के बुलावे का इंतजार कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल: सुवेंदु को युग बदलने की कमान, चुनौतियां गंभीर

पश्चिम बंगाल विधायक दल ने शुक्रवार को हुई बैठक में सुवेंदु अधिकारी को अपना नेता चुना। बिस्वा बंगाल कंवेंशन सेंटर में हुई विधायक दल की बैठक में पार्टी पर्यवेक्षक के रूप आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नए मुख्यमंत्री के रूप में उनके नाम का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग आठ प्रस्ताव और समर्थन मिले हैं जिनमें सभी में सुवेंदु का नाम है। वह संघर्षशील भी हैं और उन्हें प्रशासन का अनुभव भी है। 'वंदे मातरम' और 'जय श्रीराम' के उद्घाेष के साथ विधायकों ने सुवेंदु को बधाई दी। नेता चुने जाने के बाद सुवेंदु ने पीएम मोदी,गृह मंत्री शाह व पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी के संकल्प पत्र को समयबद्ध रूप से लागू करेंगे। उन्होंने मोदी के समर्थन में नारे भी लगवाए। सुवेंदु अधिकारी ने बाद में शाह व पार्टी नेताओं के साथ जाकर राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री मनोनीत करते हुए सरकार बनाने को आमंत्रित किया।

इससे पहले विधायकाें को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 370 खत्म करने के बाद भी बंगाल में भाजपा सरकार बनाने का सपना था जो पूरा हुआ। उन्होंने राज्य में चुनावी हिंसा के इतिहास को याद करते हुए सभी दलों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद हिंसा नहीं होनी चाहिए और इसे सुनिश्चित करने के लिए ही हमें जनादेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में कवि गुरु रवींद्र नाथ टैगोर की पंक्तियां सच होती हुई दिखाई पड़ रही है ‘चित्त जेथा भयशून्य, उच्च जेथा शिर' यानी जहां मन भय मुक्त हो और सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। शाह ने कहा कि बंगाल से अब न घुसपैठिए घुसेंगे और न ही गायों की तस्करी होगी। बांग्लादेश से लगती सीमा को जल्द सील करेंगे और एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुन कर निकालेंगे। बंगाल की जीत राष्ट्रीय सुरक्षा व पूर्वी भारत के लिए महत्वपूर्ण है।

सुवेंदु ने क्या कहा?

सुवेंदु अधिकारी ने कहा- “भाजपा में लोकतंत्र है और नेतृत्व के आशीर्वाद व सभी विधायकों की इच्छा से मुझे चुना गया है। केंद्र के साथ मिलकर काम करेंगे। जनता से किए सभी वादे पूरे करेंगे। राज्य में कानून का राज कायम होगा। कोई भी कानून अपने हाथ में न ले, हर मामले की समीक्षा होगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

सुरक्षा का भरोसा और वादों का भार सुवेंदु की बड़ी चुनौती

बंगाल में भाजपा के पहले सीएम बनने पर सुवेंदु अधिकारी के लिए सुरक्षा का भरोसा पैदा करना और चुनावी वादों का भार हल्का करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

खाली खजाना, वादे कैसे निभाएं: 7.71 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है, खजाना खाली है। ऐसे में करीब एक लाख करोड़ की लुभावनी चुनावी घोषणाएं कैसे पूरी होंगी? पलायन रोककर राेजगार पैदा करना भी चुनौती।

सुरक्षा का भरोसा: प्रदेश में कानून-व्यवस्था चरमराई है, भ्रष्टाचार, कटमनी व सिंडिकेट की कार्य संस्कृति है, सांप्रदायिक उन्माद भी है। ऐसे में लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा कर हालात सुधारना बड़ी चुनौती है।

अवैध घुसपैठ और सुरक्षा: सीमा पार से अवैध घुसपैठ को रोकना और घुसपैठियों काे निकालने की चुनौती।

पार्टी नेताओं से तालमेल: सुवेंदु भाजपा में अपेक्षाकृत नए हैं, पार्टी के स्थापित नेताओं के साथ वैचारिक व कार्य संस्कृति का तालमेल रख आगे बढ़ना भी चुनौती और विपक्ष के तीखे सवालों पर जवाबदेही।

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