
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- AI)
Strait of Hormuz Crisis:होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अब ईरान-अमेरिका के बीच फिर से संघर्ष शुरू हो गया है। राष्ट्रपति ट्रंप के होर्मुज बंद होने से फंसे शिपों को निकालने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू करने के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने अमेरिकी शिप को निशाना बनाया। सोमवार के यूएई में फुजैराह पोर्ट पर हमले में 3 भारतीय घायल हुए थे। मंगलवार को फिर मिसाइल व ड्रोन हमले हुए।
हालांकि ईरान ने इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार बताया। वहीं अमेरिकी सेना ने मंगलवार को दावा किया कि ईरानी हमले के बावजूद उसके दो युद्धपोत यूएसएस ट्रक्सटन और यूएसएस मासोन ने हॉर्मुज स्ट्रेट को पार कर लिया है। इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अगर अमेरिका बेड़ों पर हमला हुआ, तो ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगे। साथ ही यह भी कहा कि ईरान को अब सफेद झंडा लहराना चाहिए। वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर अभी जारी है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि किसी राजनीतिक संकट का सैन्य समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने ट्रंप के प्रोजेक्ट फ्रीडम को प्रोजेक्ट डेडलॉक करार दिया। वहीं ईरान संसद के अध्यक्ष मो.गलिबाफ ने होर्मुज पर अमेरिका को चेतावनी दी कि उनके देश ने अभी शुरुआत भी नहीं की है और आरोप लगाया कि ईरान आ रहे दो शिप पर हमले में पांच नागरिकों की मौत हुई है।
पीएम नरेन्द्र मोदी ने यूएई के फुजैराह पोर्ट पर हुए हमले जिसमें तीन भारतीय भी घायल हुए, उसकी निंदा की है। उन्होंने कहा कि हम यूएई के साथ हैं। सभी मुद्दों का बातचीत, कूटनीति से शांतिपूर्वक हल निकालने का भारत समर्थन करता है।
फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ान भर रहा अमेरिकी सैन्य विमान लापता।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची चीन की यात्रा पर रवाना हुए।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन से की बात।
Published on:
06 May 2026 01:42 am
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