
ईरान युद्ध पर अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ की प्रेस ब्रीफिंग । ( फोटो: ANI)
Strait of Hormuz : अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे जंगी तनाव के बीच अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने तेहरान को सख्त चेतावनी देते हुए मंगलवार को प्रोजेक्ट फ्रीडम का आधिकारिक तौर पर ऐलान किया, जिसमें मिशन को ग्लोबल शिपिंग में ईरानी हस्तक्षेप समाप्त करने के लिए एक अस्थायी लेकिन 'पूरी तरह से तैयार' रक्षात्मक उपाय के रूप में बताया गया। हेगसेथ ने पेंटागन से जनरल डैन केन के साथ घोषणा की कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी केंद्रीय कमान को होर्मुज जलडमरूमध्य से बिना रुकावट व्यापार करने का निर्देश दिया है। इस मिशन का मकसद ईरान की ओर से अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र पर थोपी गई "अवैध जकड़न" और जबरन वसूली प्रणाली खत्म करना है।
हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड को प्रोजेक्ट फ्रीडम के तहत यह निर्देश दिया है। 'अमेरिकी विध्वंसक पोत तैनात हैं, जिन्हें सैकड़ों लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों, ड्रोनों और निगरानी विमानों का समर्थन प्राप्त है, जो शांतिपूर्ण वाणिज्यिक जहाजों की 24/7 निगरानी कर रहे हैं। अमेरिका अपनी ताकत का दूसरों को ऊपर उठाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। इसके उलट ईरान दुनिया को अपने अधीन करने की कोशिश कर रहा है।'
युद्ध सचिव ने कहा कि यद्यपि अमेरिका इसे शांतिपूर्ण अभियान बनाए रखना चाहता है, फिर भी वह बिना किसी संकोच के अपने लोगों और संपत्तियों की रक्षा करने के लिए तैयार है। हेगसेथ ने इस नए मिशन को पिछले आक्रामक अभियानों से स्पष्ट रूप से अलग बताया, हालांकि उन्होंने अमेरिकी तैयारियों के संबंध में आक्रामक रुख बनाए रखा।
उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि यह अभियान शांतिपूर्ण रहे, लेकिन हम अपने लोगों, अपने जहाजों, अपने विमानों और इस मिशन की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। ईरान से हमारा निवेदन है: निर्दोष जहाजों को स्वतंत्र रूप से गुजरने दें। यह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र सभी देशों का है, ईरान का नहीं है, जिस पर टैक्स लगाने, शुल्क लगाने या नियंत्रण करने का अधिकार हो।" उन्होंने ईरान को दी गई कड़ी धमकी में देश को अमेरिकी सैनिकों या वाणिज्यिक जहाजों पर किसी भी हमले के खिलाफ चेतावनी दी, और कहा कि इसके परिणामस्वरूप ईरान को "अत्यधिक और विनाशकारी अमेरिकी गोलाबारी" का सामना करना पड़ेगा।
हेगसेथ ने अपने संबोधन में प्रोजेक्ट फ्रीडम जारी रखने के लिए दुनिया से आगे आने का आग्रह करते हुए कहा, हम स्थिति को स्थिर कर रहे हैं, ताकि व्यापार फिर से सुचारू रूप से चल सके, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि दुनिया भी सहयोग करेगी। उचित समय पर और जल्द ही, हम जिम्मेदारी आपको वापस सौंप देंगे।' जब उनसे 60 दिन की युद्ध शक्तियों की समय सीमा और इस बारे में पूछा गया कि क्या मौजूदा युद्धविराम के टूटने की स्थिति में प्रशासन कांग्रेस की मंजूरी मांगेगा, तो हेगसेथ ने राष्ट्रपति के एकतरफा अधिकार की ओर रुख किया।
उन्होंने कहा कि हालांकि युद्धविराम के दौरान समय रुक जाता है, लेकिन राष्ट्रपति किसी भी क्षण बड़े युद्ध अभियानों को फिर से शुरू करने की क्षमता रखते हैं। हेगसेथ ने चेतावनी देते हुए कहा, 'राष्ट्रपति के पास जरूरत पड़ने पर बड़े युद्ध अभियान फिर से शुरू करने का अवसर और क्षमता है - शुरुआत में हमारे पास जितनी क्षमता थी उससे कहीं अधिक है।' उन्होंने कहा कि अगर ईरान समझौते के अपने हिस्से का पालन करने में विफल रहता है, तो युद्ध विभाग "पूरी तरह तैयार है और कार्रवाई करने के लिए तत्पर है।'
हेगसेथ ने साफ तौर पर कहा कि अमेरिकी सेना को अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए ईरानी जलक्षेत्र या हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं है। हेगसेथ ने कहा, 'अमेरिकी सेना को ईरानी जलक्षेत्र या हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह आवश्यक नहीं है। हम लड़ाई नहीं चाहते, लेकिन ईरान को निर्दोष देशों और उनका सामान अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से अवरुद्ध करने की अनुमति भी नहीं दी जा सकती। ईरान साफ तौर पर हमलावर है, जो नागरिक जहाजों को परेशान कर रहा है, हर देश के नाविकों को अंधाधुंध धमकी दे रहा है, और अपने वित्तीय लाभ के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग का शस्त्रीकरण कर रहा है - कम से कम ऐसा करने की कोशिश तो कर ही रहा है।'
उन्होंने ईरान की कार्रवाइयों को 'अस्वीकार्य' बताते हुए कहा, 'ईरान लंबे समय से जहाजों को परेशान कर रहा है, सभी देशों के नागरिक टैंकरों पर गोलीबारी कर रहा है और टोल प्रणाली लागू करने की कोशिश कर रहा है। ईरान की यह योजना एक प्रकार की अंतरराष्ट्रीय ब्लैकमेलिंग है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रोजेक्ट फ्रीडम के साथ इसका अंत होता है। दो अमेरिकी वाणिज्यिक जहाज, अमेरिकी विध्वंसक जहाजों के साथ, पहले ही जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं, जिससे पता चलता है कि मार्ग साफ है।' (इनपुट: ANI)
Published on:
05 May 2026 08:57 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
