17 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘ज़िंदा हैं मोजतबा खामेनेई लेकिन बुरी तरह जख्मी’, अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेग्सेथ का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान जाने की बात कही है। हालांकि इसके लिए उन्होंने एक शर्त भी बता दी है। क्या है पाकिस्तान जाने की ट्रंप की शर्त? आइए नज़र डालते हैं।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Tanay Mishra

Apr 17, 2026

Mojtaba Khamenei

Mojtaba Khamenei

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच 8 अप्रैल को लागू हुआ सीज़फायर 21 अप्रैल को खत्म हो जाएगा। ऐसे में स्थायी समझौते के लिए दोनों पक्ष कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने उम्मीद जताई है कि ईरान से जल्द ही समझौता हो जाएगा। ईरान के खिलाफ जब से जंग की शुरुआत हुई, तब से अब तक देश के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। अलग-अलग मौकों पर मोजतबा की मौत की अफवाह सामने आई हैं, जिसे ईरान ने नकार दिया है। अब अमेरिका के युद्ध मंत्री (रक्षा मंत्री) पीट हेग्सेथ (Pete Hegseth) ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर के बारे में बयान दिया है।

ज़िंदा हैं मोजतबा खामेनेई लेकिन बुरी तरह जख्मी'

मोजतबा के बारे में हेग्सेथ ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर ज़िंदा हैं, लेकिन वह बुरी तरह से जख्मी हैं। युद्ध की शुरुआत के कुछ समय बाद से ही ये खबरें आ रही हैं कि मोजतबा ज़िंदा तो हैं लेकिन अमेरिकी-इज़रायली हमलों में उन्हें काफी चोट आई हैं और उनका इलाज चल रहा है। हालांकि ईरान की तरफ से हमेशा कहा गया है कि उनके सुप्रीम लीडर स्वस्थ हैं।

कहाँ हैं मोजतबा?

मोजतबा कहाँ हैं, इस बारे में ईरान में मौजूद रूस (Russia) के राजदूत ने कुछ समय पहले जवाब दिया था। उन्होंने बताया था कि मोजतबा ईरान में ही हैं, लेकिन सुरक्षित जगह पर हैं। कुछ समय पहले यह खबर भी आई थी कि ईरान के कोम (Qom) शहर में मोजतबा का इलाज चल रहा है।

अमेरिका-इज़रायल तलाश में

खतरे की स्थिति को देखते हुए मोजतबा किसी बेहद ही खुफिया और सुरक्षित स्थान पर छिपे हुए हैं। बताया जा रहा है कि अमेरिका और इज़रायल उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) और इज़रायली खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) के जासूस मोजतबा को ढूंढने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कामयाबी नहीं मिल पाई है। अमेरिका और इज़रायल ने मोजतबा को मारने के लिए कई बार खुफिया सूचना के आधार पर ईरान में हर उस जगह हमले किए जहाँ मोजतबा के होने की उम्मीद थी, लेकिन वह हर बार अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।