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‘Operation Sindoor’ के एक साल बाद बड़ा खुलासा: पहली बार चीन ने माना, युद्ध के दौरान पाकिस्तान को मदद पहुंचाई

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक साल बाद बड़ा खुलासा सामने आया है। पहली बार चीन की ओर से यह संकेत मिला कि उसने संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को मदद पहुंचाई थी। एक चीनी इंजीनियर के बयान के मुताबिक, चीन इस ऑपरेशन के जरिए अपने हथियारों और सैन्य तकनीक के प्रदर्शन पर भी नजर रख रहा था।

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भारत

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Saurabh Mall

May 09, 2026

Operation Sindoor China Helped Pakistan

ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ी अपडेट: फोटो में पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (इमेज सोर्स: पत्रिका)

Operation Sindoor China Helped Pakistan: एक वर्ष बाद चीन ने पहली बार मान लिया कि पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वह पाकिस्तान को मदद पहुंचा रहा था। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी पर एक इंटरव्यू में एविएशन एंडस्ट्री कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना (एविक) के इंजीनियर झांग हेंग ने बताया कि जब भारतीय सेना ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तानी सीमा में घुसकर आतंकी कैंपों को तबाह कर रही थी, तब चीनी इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ पाकिस्तान को तकनीकी सहायता पहुंचा रहे थे। लड़ाई के दौरान पाकिस्तान को जे-10 सीई विमान के लिए तकनीकी सहायता दी थी।

गौरतलब है कि जे-10सीई चीन के जे-10सी 4.5 जेररेशन फाइटर जेट का एक एक्पोर्ट वेरिएंट हैं। इसे जे-10 सीरीज का सबसे एडवांस्ड मॉडल माना जाता है। चीन के अलावा जे-10सी का इकलौता ऑपरेटर पाकिस्तान है। पाकिस्तान ने 2020 में चीन को 36 जेट्स के ऑर्डर दिए थे। एक सवाल के जवाब में हेंग ने कहा, मई की उस गर्मी में तापमान 50 डिग्री के करीब था। हम पाकिस्तान के सपोर्ट बेस पर थे, जहां लगातार फाइटर जेट्स की दहाड़ और एयर रेड सायरन की आवाजें गंूज रही थी।

यह हमारे लिए मानसिक और शारीरिक रूप से एक कठिन परीक्षा थी। चीनी विशेषज्ञ ने बताया कि वे मौके पर इसलिए मौजूद थे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके विमान पूरी युद्ध क्षमता का प्रदर्शन कर सकें। एक अन्य कर्मचारी जू दा ने स्वीकार किया कि चीन, पाकिस्तान में अपने हथियारों की टेस्टिंग कर रहा था।

भारत कर चुका है बेनकाब

भारतीय सेना पहले ही चीन के इस चेहरे को बेनकाब कर चुका है। पिछले वर्ष जुलाई में लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह ने बताया था कि पाकिस्तान असल में चीन के लिए लाइव लैब की तरह है, जहां चीन अपने हथियारों को टेस्ट करता है। भारत ने बताया था कि चीन अपने सैटेलाइट के जरिए भारतीय सैन्य ठिकानों की लाइव लोकेशन और खुफिया जानकारी पाकिस्तान के साथ साझा कर रहा था।

अमेरिकी रिपोर्ट में भी हुआ खुलासा

हाल ही अमेरिकी रक्षा विभाग की एक रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई थी कि चीन सीधे युद्ध में कूदे बिना पाकिस्तान को इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर, साइबर एक्टिविटी और इंटेलिजेंस सपोर्ट के जरिए भारी मदद पहुंचाई थी। चीनी सैटेलाइट कवरेज ने पाकिस्तान को रियल टाइम में भारतीय सेना के मूवमेंट की जानकारी दी थी।