
अंडमान और केरल में समय से पहले दस्तक दे सकता है मानसून 2026 (Patrika File Photo)
Weather Update: देश में इस साल एक के बाद एक चक्रवात व पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने से आंधी-बारिश के कारण अप्रेल के बाद मई में अपेक्षाकृत गर्मी का असर कम है। वहीं दूसरी तरफ अब दक्षिण-पश्चिम मानसून ( Monsoon) को लेकर भी खुशखबर आ गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण भारत में प्री-मानसून ( Pre Monsoon) गतिविधियां तेज हो गई हैं और ताजा संकेत बताते हैं कि मानसून 1 जून के आसपास केरल तट पर समय पर पहुंच जाएगा। ऑस्ट्रेलिया में उत्तरी वेट सीजन (बारिश का मौसम) आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह भारत के मानसून (Monsoon) के लिए बेहद महत्वपूर्ण संकेत है। ऑस्ट्रेलिया में बारिश का मौसम खत्म होते ही इक्वेटोरियल रेन बेल्ट उत्तर की ओर तेजी से बढ़ने लगती है, जो भारत में नमी भरी मानसूनी हवाएं लाती है।
तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो चुकी है। आइएमडी ने अगले सात दिनों में इन क्षेत्रों में और तेज बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने 14 से 20 मई के बीच मानसून अंडमान-निकोबार पर की पहली दस्तक होने की उम्मीद है, जो केरल पहुंचने का प्रमुख संकेत माना जाता है। मानसून के केरल तट पर पहुंचने से पहले दक्षिण भारत में प्री-मानसून गतिविधियां और तेज होती जाएंगी। विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत में जहां कभी लू पड़ रही है, वहां कई जगहों पर अचानक गरज, बिजली और ओलावृष्टि हो रही है। यह सब मानसून के आने से पहले होने वाले मौसमी बदलाव के सामान्य संकेत हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत के मानसून का सीधा संबंध ऑस्ट्रेलिया से है। पूरी पृथ्वी पर भूमध्य रेखा के आसपास एक अदृश्य रेन बेल्ट है, जो सूरज के पीछे-पीछे उत्तर-दक्षिण में घूमती रहती है। जब ऑस्ट्रेलिया में बारिश का मौसम चलता है, तब यह रेन बेल्ट दक्षिण की ओर खिंची रहती है। जैसे ही वहां मौसम सूखा होने लगता है, वह बेल्ट उत्तर की ओर बढ़ती है और भारत की ओर नमी खींच लाती है। इस साल यह प्रक्रिया सामान्य गति से चल रही है। रेन बेल्ट फिलहाल भूमध्य रेखा पार कर मालदीव, श्रीलंका और अंडमान की ओर बढ़ रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ये सभी संकेत सकारात्मक हैं।
दक्षिण-पश्चिम मानसून आने से पहले देश में सक्रिय अलग-अलग चक्रवात सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम बार-बार बदल रहा है। कई राज्यों में अप्रेल के बाद मई में भी आंधी-बारिश की गतिविधियां जारी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो सप्ताह (7 से 20 मई 2026) के दौरान देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। इससे उत्तर भारत में लू की स्थिति में काफी राहत मिलने की उम्मीद है। दो नए पश्चिमी विक्षोभ 10 मई और 11 से 13 मई के बीच लगातार सक्रिय होने से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश का मौसम बना रहेगा। लेकिन पश्चिमी राजस्थान व गुजरात के कुछ भागों में लू चलने की संभावना है।
पिछले सप्ताह (30 अप्रेल से 6 मई) देशभर में सामान्य से 79 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई। उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री सेल्सियस कम रहा। कई राज्यों में ओलावृष्टि भी हुई। बीते सप्ताह सबसे ज्यादा तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस तेलंगाना के अदिलाबाद में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस असम के हफलांग में दर्ज किया गया।
Updated on:
09 May 2026 05:11 am
Published on:
09 May 2026 05:10 am
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
