
बारिश का कहर : राजधानी के घरों में घुसा यमुना का पानी, मंडी व अखनूर में फिर आपदा, आइएमडी की चेतावनी : अगले तीन दिन और भारी, हरियाणा में मकान की छत टूटने से 7 लोगों व छत्तीसगढ़ में बांध टूटने से चार लोगों की मौत
उत्तर भारत की नदियों में उफान से पंजाब, हरियाणा व राजधानी दिल्ली में हाहाकार के हालात बन गए हैं। देश में भारी बारिश के चलते जम्मू-कश्मीर की तवी व चेनाब, हिमाचल की व्यास, पंजाब में सतलुज, रावी, घग्गर और हरियाणा व दिल्ली यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
नदियों ने रौद्र रूप दिखाकर उत्तर भारत के पांच राज्यों में भारी तबाही मचाई हैं। राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का पानी घरों में घुसने से खतरा बढ़ गया हैं। हरियाणा में मकान की छत टूटने से 7 लोगों व छत्तीसगढ़ में बांध टूटने से चार लोगों की मौत हो गई। वहीं जम्मू के अखनूर में बादल फटने से 200 से ज्यादा घर जलमग्न हो गए व सैंकड़ों लोग पानी में फंस गए। हिमाचल में बादल फटने से 11 लोगों की मौत हो गई। आइएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन दिन तक उत्तर-पश्चिम भारत समेत कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
यमुना नदी दिल्ली में खतरे के निशान 205 मीटर से ऊपर 207 मीटर पर बह रही है। बुधवार को यमुना का पानी दिल्ली के आवासीय क्षेत्रों मेंं घुसने से हाहाकार मच गया। यमुना बाजार, तिब्बती बाजार, मोनेस्ट्री मार्केट सहित कई क्षेत्रों में पानी भरा है। आपदा दलों ने 12 हजार से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। सभी स्कूल बंद रखी गई। दिल्ली एयरपोर्ट पर 340 से ज्यादा उड़ानों में देरी हुई। एनसीआर के गाजियाबाद में सड़कों पर पानी भर गया। कई कारें डूब गईं। 7 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई जगह मकान एक मंजिल तक घर डूब गए हैं। नोएडा में दोपहर दो घंटे तेज बारिश हुई।
छत्तीसगढ़ में बांध टूटने से चार की मौत-
राज्य में भारी बारिश के बाद बलरामपुर जिले में मंगलवार देर रात एक छोटे लुटी बांध का हिस्सा टूट जाने से चार लोगों की मौत हो गई। तीन लोग अभी तक लापता है। बांध के पानी से तीन घरों व खेतों को काफी नुकसान पहुंचा है।
अखनूर में बादल फटा: 200 घर जलमग्न-
जम्मू के अखनूर नगर के चौका-चोरी में बादल फटने से 200 से ज्यादा घर जलमग्र हो गए और 400 लोग प्रभावित हुए हैं। चेनाब नदी उफान पर आने से आस-पास का जनजीवन ठप हो गया है। कुल्लू व मंडी में भूस्खलन से 11 की मौत हिमाचल प्रदेश के कुल्लू व मंडी में बीते 24 घंटे में अलग-अलग भूस्खलन से 11 लोगों की मौत हो गई। प्रदेश के 7 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद हैं और 1300 से ज्यादा सड़कें बेहाल होने से बंद कर दी गई।
पंजाब व हिमाचल आपदाग्रस्त घोषित-
23 जिलों में बाढ़ आपदा से प्रभावित पंजाब राज्य को सरकार ने आपदाग्रस्त घोषित किया है। इससे पहले हिमाचल प्रदेश को आपदाग्रस्त प्रदेश घोषित किया गया था। दोनों राज्यों में बाढ़ व भारी बारिश से भारी नुकसान हुआ है।
राजस्थान : दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग बाधित हुआ
राज्य में बुधवार को राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में भारी व मध्यम दर्जे की बारिश हुई। कोटा में तेज बरसात से पहाड़ का मलबा गिरने से दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग बाधित हो गया। 9 ट्रेनों को रोकने से परेशानी हुई। जयपुर में भारी बारिश से सड़कें लबालब हो गई। जलमहल का पानी सड़क पर आ गया। सवाई मानसिंह अस्पताल में पानी भर जाने से परेशानी हुई। गलताजी तीर्थ में पानी में फंसे 20 श्रद्धालुओं को रेस्क्यू किया गया।
इस बार के मानसून की सक्रियता से देश के पूर्वोत्तर राज्यों की तुलना में पश्चिम के राजस्थान व गुजरात में पिछले सालों की तुलना में ज्यादा बारिश हो रही है। स्प्रिंगर नेचर में प्रकाशित एक शोध में खुलासा किया कि निम्न दबाव प्रणालियों के कारण पश्चिम में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही है। पश्चिम भारत में निम्न दबाव अरबसागर व बंगाल की खाड़ी से नमी को खींच रहा है।
यहां हुई इतनी बारिश-
आइएमडी के अनुसार बुधवार को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, पश्चिमी उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, पूर्वी राजस्थान, अरूणाचल प्रदेश, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, केरल, छत्तीसगढ़, झारखंड, मणिपुर, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, कोंकण, गोवा, तेलंगाना राज्य में अलग-अलग स्थानों पर 110 एमएम से 210 एमएम तक बारिश दर्ज की गई।
आमागी चेतावनी-
अगले तीन दिन तक पूर्वी व मध्य भारत में मानसून अधिक सक्रिय रहेगा और भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। हालांकि 4 सितम्बर से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र, पंजाब, हरियाणा में बारिश में आंशिक कमी आने की संभावना है। 7 सितम्बर तक गोवा, कोंकण, गुजरात के सौराष्ट्र, कच्छ व मध्य महाराष्ट्र में अति भारी बारिश की संभावना है।
प्रमुख राज्यों में औसत से ज्यादा बारिश-
राज्य--------औसत बारिश-----अब तक बारिश -प्रतिशत ज्यादा
लद्दाख- 17.1--89.2---422
राजस्थान-384.1---638.9----66
पंजाब---374.1----575.7---54
हिमाचल-630.2---938.9---49
नई दिल्ली- 457.4--675.8---48
हरियाणा--360.7---529.7---47
जम्मू-कश्मीर- 465.9--667.2--43
उत्तराखंड-1009.5---1265.2---25
तेलंगाना- 592.9---734.1--24
मध्यप्रदेश-808.2---990.3---23
कर्नाटक- 686.2---796.6--16
गुजरात-610.0---675.5--11
महाराष्ट्र-838.5---910.1---9
उत्तरप्रदेश-614.0---628.8--2
(स्रोस: आइएमडी- आंकड़ा एमएम में 1 जून से 3 सितम्बर तक)
यमुना में बाढ़ से राजस्थान पर पड़ सकता है आंशिक असर
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। जानकारों के अनुसार यमुना नदी की बाढ़ का सीधा असर राजस्थान पर तो नहीं पड़ेगा, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से कुछ जिलों पर इसका प्रभाव दिखाई दे सकता है। यमुना नदी राजस्थान से होकर नहीं गुजरती, लेकिन दिल्ली व हरियाणा से होकर राजस्थान के भरतपुर संभाग में नहरी सिंचाई होती है। बाढ़ के कारण नहरों में जलप्रवाह प्रभावित होने से भरतपुर संभाग के डीग, कामां तक नहरी सिंचाई आपूर्ति बाधित हो सकती है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो किसानों को खरीफ फसलों को सिंचाई के पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में यातायात और रेल मार्ग अवरुद्ध होने पर राजस्थान के व्यापार, पर्यटन उद्योग और परिवहन नेटवर्क पर भी असर पड़ सकता है।
Published on:
04 Sept 2025 06:01 am
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