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हिंदुत्व की आंधी… जानिए पश्चिम बंगाल में कौन बन सकता है CM? तमिलनाडु में ‘विजय’ का उदय, द्रविड़ दलों का 57 साल का युग समाप्त

Assembly Election Results 2026: चुनाव बाद जानिए पांचों राज्य का हाल… हिंदुत्व और भरोसे से भाजपा की बंगाल विजय, हालात में सुधार बड़ी चुनौती। तमिलनाडु में 'विजय' का उदय, द्रविड़ दलों का 57 साल का युग समाप्त।

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भारत

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Saurabh Mall

May 05, 2026

Assembly Election Results 2026

इलेक्शन अपडेट्स: कौन बनेगा सीएम (सोर्स: पत्रिका)

Assembly Election Results Updates: पांच प्रदेशों के सोमवार को आए चुनावी नतीजों ने देश की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। पश्चिम बंगाल में भाजपा की पहली बार शानदार जीत से पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए के लिए अगले साल उत्तर प्रदेश विधानसभा सहित अन्य राज्यों और 2029 के आम चुनाव में जीत का रास्ता आसान दिख रहा है। तमिलनाडु में अभिनेता विजय की टीवीके की जीत से दक्षिण की राजनीति में नए समीकरण बनेंगे। विपक्ष के दो बड़े चेहरे ममता बनर्जी व एमके स्टालिन के दलों की हार से विपक्षी राजनीति कमजोर होगी और केरल में शानदार वापसी को छोड़कर अन्य राज्यों में हार से कांग्रेस के नेतृत्व की कमजोरी पर फिर सवाल उठेंगे।

हिंदुत्व और भरोसे से भाजपा की बंगाल विजय, हालात में सुधार बड़ी चुनौती

विधानसभा चुनावों में असम में भाजपा की शतकीय तिकड़ी व पुदुचेरी में एनडीए की वापसी को छोड़कर अन्य राज्यों में परिवर्तन की लहर चली। पश्चिम बंगाल में हिंदुत्व, सुरक्षा का भरोसा और भयमुक्त मतदान की आंधी में ममता बनर्जी की टीएमसी का 15 साल के शासन का अंत हो गया। अपने वैचारिक प्रेरणा स्रोत विवेकानंद, बंकिम बाबू व अरविंद घोष और जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुकर्जी की धरती पर भाजपा का पहली बार सरकार बनाने का बरसों पुराना सपना साकार हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसे और झालमुड़ी खाने जैसा पब्लिक कनेक्ट, अमित शाह की टीम की रणनीति के चलते भाजपा ने 200 सीटें जीत लीं। मोदी की झालमुड़ी 'जीतमुड़ी' साबित हुई। अब भाजपा के लिए राज्य में सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, सुकांत मजूमदार, समिक भट्टाचार्य जैसे प्रमुख दावेदारों में से सीएम चुनने और राज्य में सुरक्षा व कानून-व्यवस्था ठीक करने की बड़ी चुनौती होगी। सुवेंदु दौड़ में आगे माने जा रहे हैं। पार्टी ने अंग्रेजों के काल में देश की पहली राजधानी रही कोलकाता को जीत लिया है लेकिन इसका गौरव लौटाने की भी बड़ी चुनौती है।

केरल में कांग्रेसनीत यूडीएफ गठबंधन ने 100 से ज्यादा सीटें जीतकर 10 साल बाद सत्ता में वापसी की है। सीएम पी.विजयन के नेतृत्व वाले एलडीएफ गठबंधन की हार से देश में आखिरी वामपंथी किला भी ढह गया। अब कांग्रेस नेतृत्व के लिए गुटों में बंटी पार्टी में केसी वेणुगाेपाल, वी.सतीशन व रमेश चेन्नीथला में से सीएम का चुनाव बड़ी चुनौती होगा। माना जा रहा है कि सतीशन दौड़ में आगे हैं। भाजपा ने यहां दो सीट जीतकर पहली बार विधानसभा में खाता खोला।

असम में भाजपानीत एनडीए गठबंधन की तीसरी बार जीत की संभावनाएं जताई जा रही थीं लेकिन सीएम हिमंता बिस्व सरमा के नेतृत्व में 100 सीटों पर सबसे बड़ी जीत हासिल की। तीखे आरोप-प्रत्यारोप वाले चुनाव में जीत के बाद अब भाजपा सरकार के लिए घुसपैठियों को बाहर निकालने की चुनौती होगी। पुदुचेरी में सीएम रंगास्वामी के नेतृत्व में एनडीए की वापसी हुई है। कांग्रेस यहां भी सत्ता हासिल करने में विफल रही।