
रतलाम. खरीफ सीजन की तैयारियों के चलते इन दिनों किसानों को उर्वरक की सख्त आवश्यकता है। ऐसे में सोमवार को बिरियाखेड़ी स्थित उर्वरक गोदाम के समय पर न खुलने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 11 बजे तक भी गोदाम का कार्यालय नहीं खुला, जिससे दूर-दराज से खाद लेने आए किसान बाहर इंतजार करते रहे। जिम्मेदारों के मैदान से नदारत रहने से इस प्रकार के हालात बन रहे है।
गोदाम के मुख्य गेट पर ताला लगा था और वहां संपर्क के लिए कोई मोबाइल नंबर भी उपलब्ध नहीं था, जिससे किसान अपनी बात किसी तक पहुंचा नहीं पा रहे थे। बिरियाखेड़ी निवासी किसान ब्रजकिशोर धाकड़ और संदीप धाकड़ ने बताया कि वे खरीफ की बुवाई के लिए खाद लेने गोदाम पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि सुबह से ही वे गोदाम के बाहर इंतजार कर रहे थे, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी गोदाम नहीं खुला। इससे उन्हें निराशा हुई और उनका समय बर्बाद हुआ।
किसानों ने चिंता जताई कि खाद की व्यवस्था में देरी से उनकी खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है। किसानों ने अपनी इस परेशानी को लेकर डीएमओ प्रवीण मुंदड़़ा को मोबाइल पर सूचना दी। डीएमओ प्रवीण मुंदड़़ा ने किसानों की शिकायत मिलने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शनिवार को बैंक बंद होने के कारण गोदाम कर्मचारी सोमवार को राशि जमा कराने गया था, जिसके चलते गोदाम खुलने में कुछ देरी हो गई। मुंदड़़ा ने आश्वस्त किया कि भविष्य में इस प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उर्वरक गोदाम निर्धारित समय पर खुलें। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे महत्त्वपूर्ण समय में उर्वरक उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुचारू रखा जाए।