
एमएन-
मंदसौर। जिला अस्पताल में अभी मरीजों को जांच करवाने के लिए अलग-अलग यूनिटों में चक्कर लगाना पड़ते है। जिससे समय के साथ-साथ रिपोर्ट देने में भी समय लग रहा है। इस समस्या से निजात दिलाने के साथ-साथ अब महंगी जांचें भी जिला अस्पताल में शुरु हो जाएगी। सभी तरह की जांचें एक ही स्थान पर होगी। इसके लिए सीएमएचओ कार्यालय के पास इंडियन पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री बन रही है। वर्तमान में इसका करीब 60 फीसदी काम पूरा हो गया है। अधिकारियों की माने तो नवरात्र तक यह लैब पूरी तरह शुरु हो जाएगी।
जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार आईपीएचएल (इंडियन पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री) में सभी लेब एक जगह स्थापित हो जाएगी। वर्तमान में जिला अस्पताल में अलग-अलग जगह लेब है। इस लेब में यूरिन कल्चर और बल्ड कल्चर की जांचें भी शुरु हो जाएगी। वर्तमान में इन दोनों जांचों को मरीज बाहर निजी लेब में करवाते है। जिससे आर्थिक भार पड़ता है। इन दोनों जांचों के भी शुरु होने से आर्थिक भार से राहत मिलेगी। इस लेब से सभी अधिकारी और कर्मचारी एक जगह ही काम करेगें। जिससे स्टाफ की समस्या भी दूर होगी और रिपोर्ट भी जल्द मिलेगी।
सितंबर तक करना पूरा काम
इंडियन पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री के काम की एजेंसी एनएचएम है। विभाग के इंजीनियर अनिल राठौर ने बताया कि लेब का काम तेजी से किया जा रहा है। इसका पूरा कार्य सितंबर तक करना है। इसका कार्य समयावधि में पूरा कर लिया जाएगा। वर्तमान में इसका कार्य 60 फीसदी पूरा हो चुका है। डेढ़ माह का समय बचा है। जिसमें 40 फीसदी कार्य पूरा करना है। इसके बाद लेब शुरु हो जाएगी।
क्रिटिकल पर अधिकारियों का ध्यान नहीं
जिला अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिक बनकर तैयार हो गई है। इसका कुछ हिस्सा भी शुरु कर दिया गया है। लेकिन पूरी तरह इसको अब तक स्वास्थ्य अधिकारी शुरू नहीे कर पाए है। जबकि छह माह से यूनिट बनकर तैयार है। इस यूनिट का मुख्य उद्देश्य यह है कि गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार मिले। लेकिन अब तक गंभीर मरीजों को ज्यादातर रैफर ही किया जा रहा है। ऐसे में अधिकारी इस यूनिट के लिए व्यवस्था जुटाने में अब तक नाकाम रहे है।
इनका कहना
इंडियन पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री का काम चल रहा है। जल्द ही इसका काम पूरा हो जाएगा। जिसके बाद एक ही जगह भी जांचें होगी। उससे मरीजों को अधिक लाभ मिलेगा।
डॉ सौरभ मंडवारिया, आरएमओ जिला अस्पताल।