रतलाम

महू-नीमच फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा, POLICE लिखी कार ने 3 को रौंदा

Mhow-Neemuch Four Lane Accident : प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि, कार में वर्दी में एक एएसआई रैंक का पुलिसकर्मी सवार था, जबकि ड्राइविंग सीट पर उसका बेटा और पीछे एक महिला बैठी थी, जो संभवत उसकी पत्नी थी।

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पुलिस लिखी कार ने 3 को रौंदा 1 की मौत (Photo Source- Input)

Mhow-Neemuch Four Lane Accident :मध्य प्रदेश में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आलम ये है कि, यहां हर रोज सड़क हादसों में सैकड़ों लोग घायल हो रहे हैं। इनमें से दर्जनों अपनी जान भी गवा रहे हैं। ताजा भीषण हादसे से जुड़ा मामला सूबे के रतलाम जिले से सामने आया है। महू-नीमच फोरलेन के पलदुना फंटे पर बीती रात भीषण हादसा हुआ है। इस मामले में हैरानी की बात ये है कि, जिस कार ने यहां तीन राहगीरों को रौंदा है, उसपर पुलिस लिखा है। यानी आमजन जिन्हें अपनी रक्षा का प्रतीक मानते हैं, उन्हीं का वाहन यहां लोगों का काल बन गया।

बताया जा रहा है कि, जिस वाहन ने तीन लोगों को रौंदा है, उसपर पुलिस लिखा था, जिसका वाहन नंबर एमपी 09-एजी 3339 है। कार ने एक ही परिवार के तीन लोगों को टक्कर मार दी। हादसे का शिकार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

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ग्रामीणों की चेतावनी

इससे आक्रोशित स्वजन और ग्रामीणों ने फोरलेन पर प्रदर्शन कर मौके पर ही दाह संस्कार की तैयारी करते हुए लकड़ियां-कंडे मंगवा लिए। पुलिस ने उन्हें रोका। ग्रामीणों ने समुचित कार्रवाई न होने पर शनिवार को फोरलेन पर ही अंतिम संस्कार करने की चेतावनी दी है। हादसे में स्कूटर सवार मुकेश कुमावत की मौत हो गई और उनके चाचा मांगीलाल व परिवार के मुकेश घायल हो गए। टक्कर के बाद कार डिवाइडर से जा टकराई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कौन चला रहा था कार

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि, कार में वर्दी में एक एएसआई रैंक का पुलिसकर्मी सवार था, जबकि ड्राइविंग सीट पर उसका बेटा और पीछे उसकी पत्नी बैठी थी। हादसे के बाद तीनों कार छोड़कर मौके से भाग निकले। वहीं, मामले को लेकर थाना प्रभारी अमित कोरी का कहना है कि, वाहन जब्त कर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है।

टेंट लगाकर प्रदर्शन, एक करोड़ मुआवजे की मांग

हादसे के बाद ग्रामीण फोरलेन किनारे टेंट-तंबू लगाकर बैठ गए और पलदुना फंटे पर अब तक हुए हादसों में मृत सभी लोगों के स्वजन को एक - एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि, इस फंटे पर बीते एक साल में करीब 10 से 12 लोगों की मौत हो चुकी हैं, जबकि कई लोग घायल होकर स्थाई रूप से अपंग तक हो चुके हैं। लेकिन, इतने हादसों के बावजूद जिम्मेदार इसकी रोकथाम के लिए कोई व्यवस्था नहीं कर रहे हैं।

Published on:
02 May 2026 07:38 am
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