
रतलाम। भारत में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को कैंसर ( cancer )अधिक होता है। ओरल कैंसर ( Oral cancer ) एवं इसके कारण का पता लगाकर इसकी रोकथाम करना आसान है। ये घर पर रहकर ही पता लगाया जा सकता है। सबसे अधिक कैंसर धुम्रपान की वजह से होता है। ये बात रतलाम ( Ratlam) के प्रसिद्ध डॉक्टर ( Doctor ) अभय ओहरी ने जनसेवा क्लिनिक में कही। वे मरीजों को धुम्रपान से होने वाले कैंसर, उसके नुकसान, धूम्रपान का उपचार के तरीके के बारे में बता रहे थे।
रतलाम के जनसेवा क्लिनिक में ओरल कैंसर एवं इसके कारण और रोकथाम के बारे में मरीजों के लिए नि:शुल्क सेमिनार आयोजित किया गया। इसमे तम्बाकू से जुडे़ मुँह के कैंसर पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा दन्त स्वच्छता की भूमिका तथा सेल्फ माउथ एग्जामिनेशन को लेकर जागरूकता लाने की कोशिश की। डॉ अभय ओहरी ने कहा कि लोग इस कैंसर की अर्ली स्टेज पर डॉक्टर तक इसलिये नहीं पहुंच पाते क्योंकि उन्हें पता ही नहीं चलता कि वे कैंसर से पीडि़त हैं। सेल्फ माउथ एग्जामिनेशन करके मरीज समय पर उपचार करवा कर पूरी तरह ठीक हो सकते हैं।
ये है सेल्फ मॉउथ एग्जामिनेशन का आसान तरीका
- मसूड़ों, जीभ या मुँह के अंदर सफेद या लाल पैच।
- मुँह मे असामान्य रक्त स्त्राव या दर्द।
- एक ही जगह पर लगातार छाले।
- दांत नुकीले हो या लगातार चुभते हो।
- भोजन निगलने में दर्द हो।
- सांस लेने या बोलने में परेशानी होती हो।
- गर्दन या गले मे दर्द जो दूर नहीं होता हैं।
- बार-बार खांसी आती हो।
- आवाज में बदलाव आ जाए या बोलने में समस्या हो।
- कान में लम्बे समय तक दर्द रहता हो।
यह काम भूलकर नहीं करें
- तम्बाकू का सेवन न करें क्योंकि इसमें तीन हजार से अधिक रासायनिक यौगिक हैं, जिनमें से 29 कैंसर कारक हैं।
-धूम्रपान ना करें क्योंकि इससे मुँह के कैंसर के साथ, फेफडे़ और पेट का कैंसर, ह्रदय रोग जैसी अनेको बीमारियां होती हैं।
- धूम्रपान करने वालो के आस पास भी ना जाये।
कैंसर पर है ये विशेष जानकारी
- भारत में हर घंटे मुँह व गले के कैंसर के कारण 12 से लेकर 14 मौते हो रही हैं।
- इसका सबसे बड़ा कारण लगातार तम्बाकू सेवन हैं जो इन दिनों स्ट्रेस का कारण बताकर युवाओं मे बढ़ता जा रहा हैं।
- युवा धूम्रपान को फैशन व स्टाइल आइकॉन मानते हैं। ये कम उम्र के बच्चे भी कर रहे है।
- मुँह के कैंसर के रोगियों की सर्वाधिक संख्या भारत मे हैं। इसकी एक बड़ी वजह दांत की सफाई नहीं करना व नशे का आदि होना है।