
रतलाम. तेलंगाना के आदिलाबाद से चोरी करके कार से महू-नीमच हाईवे से गुजर रहे अंतरराज्यीय चोर गिरोह के चार बदमाशों को पुलिस ने मशक्कत के बाद पकड़ लिया। बदमाश इतने शातिर थे कि पुलिस की चैकिंग देखकर कार भगाकर ले गए। पुलिस भी कहां पीछे रहने वाली थी। इनके पीछे खेत और जंगलों में दौड़ लगा दी। करीब पांच से छह किमी तक जंगल और खेतों में पीछा करके इन्हें दबौच लिया। बदमाशों ने पुलिस को देखकर कार पलटा ली थी और आगे जाकर कार रोककर दो आरोपी खेतों में भाग निकले थे जबकि दो आरोपियों को पुलिस ने कार से ही कब्जे में ले लिया था।
बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान ने बताया कि एसपी अमित कुमार के पास सूचना पहुंची कि चोर गिरोह के बदमाश एक लाल रंग के वाहन में अदिलाबाद से चोरी कर फोरलेन से होते हुए राजस्थान जाने वाले हैं। इस पर पुलिस ने महू-नीमच हाईवे पर बुधवार की शाम करीब छह बजे टोल नाके पर चैकिंग लगाई। काफी देर बाद संदिग्ध कार आती दिखाई दी। टोल नाके पर पुलिस को देखकर बदमाशों ने कार पलटाई और वापस बिलपांक की तरफ भागे। पुलिस ने पीछा किया तो बिलपांक फंटे पर कार रोकी और दो आरोपी उतरकर भाग निकले। पुलिस ने कार से दो आरोपियों को पकड़ा और भागे आरोपियों का खेतों में पांच-छह किमी पीछा करके दबौच लिया। टीआई खान ने बताया प्राथमिक तौर पर इन्होंने हैदराबाद और अदिलाबाद जिला अदिलाबाद तेलंगाना, थाना भिमिनी में कई जगहों पर चोरी करना स्वीकार किया है। अभी तीन जगह चोरी का इनसे पता चला है। सम्बंधितथानो को सूचित कर दिया है। संबंधित थानों की पुलिस रतलाम के लिए रवाना हो चुकी है।
सभी आरोपी राजस्थान के रहने वाले
तेलंगाना, आदिलाबाद और हैदराबाद से चोरी करके आ रहे ये सभी बदमाश राजस्थान के पाली जिले के अलग-अलग गांवों के रहने वाले पाए गए हैं। इनसे वहां चोरी की गई सामग्री पुलिस ने जब्त कर ली है।
ये हैं आरोपी
- घनश्याम पिता बगदाराम कुमावत (44) निवासी बांजापुरी तहसील जैतारण जिला पाली राजस्थान
- लक्ष्मण राम पिता छगनाराम कुमावत (45) निवासी सोजत जिला पाली राजस्थान
- बोंडाराम पिता करनाराम कुमावत (38) निवासी जैतारण जिला पाली राजस्थान
- मानिकचंद पिता बुधराम कुमावत (35) निवासी बिरोल तहसील जैतारण जिला पाली राजस्थान
इनसे ये जब्त हुआ
एक सुजुकीवेगेन आर कार, सब्बल, नगदी रुपए
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
आरोपियों को पकडऩे में बिलपांक थाना प्रभारी मो. अय्युब खान, सब इंस्पेक्टर किेशनलाल रजक, प्रधान आरक्षक राहुल जाट, तेजसिंह जगावत, नरेन्द्रसिंह चावड़ा, ईश्वरसिह राठौर, अशोक मईडा, रोशन राठौर, आर. रोहित चौहान, आरक्षक निलेश अवस्या, श्यामदयाल राठौर और विनोद सिंगार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।