रतलाम

पेज एक पर फ्लायर से लेकर लीड तक – राष्ट्रीय खेल दिवस : खेल मैदानों की हकीकत आईने में, जलभराव, कीचड़ और घास ने रोका खिलाड़ियों का रास्ता

Aug 29, 2026
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datia news (भाई ने की भाई की हत्या Photo Source- Patrika)

नोट - यह फोटो आठ कॉलम में रहेगा। फोटो-आरटी-2901-पीएमश्री कॉलेज का खेल मैदान के हालात

यह फोटो चार कॉलम में रहेगा- फोटो-आरटी-2902-नेहरू स्टेडियम के हालात

रतलाम। राष्ट्रीय खेल दिवस पर देशभर में खिलाड़ियों की उपलब्धियों और खेल प्रतिभाओं का सम्मान हो रहा है, लेकिन रतलाम में प्रतिभाओं के सामने खेल मैदान ही सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। शहर ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं, प्रतिभाओं की कमी नहीं है और जीत का जुनून भी है, लेकिन बदहाल मैदान और सुविधाओं का अभाव खिलाड़ियों की मेहनत पर पानी फेर रहा है। अब भी हॉकी को एस्ट्रोटर्फ मैदान की दरकार है, इसके लिए प्रयास तक नहीं हो रहे है।



शहर के पोलो ग्राउंड और नेहरू स्टेडियम की स्थिति बारिश में और खराब हो जाती है। मैदान में जगह-जगह जलभराव और कीचड़ हो जाता है। कहीं गिट्टी बिखरी है तो कहीं घास ने कब्जा जमा रखा है। पर्याप्त जल निकासी नहीं होने से बारिश का पानी लंबे समय तक मैदान में जमा रहता है। ऐसे में एथलेटिक्स, क्रिकेट सहित अन्य खेलों के खिलाड़ी अभ्यास करने को मजबूर हैं। असमतल जमीन और कीचड़ खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा भी बढ़ा रहे हैं।



कॉलेज मैदान बना ‘जंगल’, गाजर घास और गंदगी का कब्जा

शहर के मध्य स्थित शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय का खेल मैदान भी बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। मैदान में घास और गाजर घास इतनी बढ़ गई है कि यह खेल मैदान कम और जंगल अधिक नजर आता है। बारिश के बाद पानी, कीचड़ और गंदगी के बीच खिलाड़ियों के लिए अभ्यास करना मुश्किल हो गया है।



सवाल खिलाड़ियों से नहीं, व्यवस्था से है

रतलाम में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है। जरूरत है तो उन्हें बेहतर मैदान, नियमित रखरखाव और सुविधाएं उपलब्ध कराने की। राष्ट्रीय खेल दिवस पर केवल आयोजन और भाषणों तक सीमित रहने के बजाय मैदानों की सफाई, जल निकासी और नियमित रखरखाव पर ध्यान देना जरूरी है। सवाल सीधा है जब खिलाड़ी तैयार हैं तो व्यवस्थाएं कब तैयार होंगी?


हॉकी को चाहिए एस्ट्रोटर्फ मैदान



रतलाम में लगभग सभी प्रमुख खेलों के लिए मैदान उपलब्ध हैं। लेकिन हॉकी के लिए अब भी बेहतर मैदान और हॉकी एस्ट्रोटर्फ की आवश्यकता है। जिले में हॉकी का अच्छा भविष्य है और यहां प्रतिभावान खिलाड़ी भी मौजूद हैं। पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें अब भी सामान्य जमीन पर अभ्यास और खेलना पड़ता है। रतलाम में हॉकी को बढ़ावा देने के लिए एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार होना चाहिए।

काम करने की जरुरत
फोटो-आरटी-2905- लोकपालसिंह सिसोदिया, क्रिकेट कोच, रतलाम
रतलाम के खेल मैदानों में आधारभूत सुविधाओं एवं रखरखाव का अभाव है। रेलवे खेल मैदान के अतिरिक्त प्रत्येक खेल के लिए मैदान मौजूद हैं, परंतु इनके रखरखाव पर समुचित ध्यान नहीं दिया जाता। कई खेल मैदानों में अभी भी काफी सुधार कार्य होना शेष है। कॉलेज ग्राउंड में पानी निकासी की व्यवस्था उपलब्ध है, लेकिन जिले के आलोट, सैलाना और जावरा जैसे स्थानों पर तो खेल के लिए कोई ग्राउंड ही नहीं है। खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए जमीनी स्तर पर काफी काम करने की आवश्यकता है।
- लोकपालसिंह सिसोदिया, रेलवे क्रिकेट कोच

खेल सुविधाओं का अभाव
फोटो-आरटी-2904-दिग्विजय सिंह, क्रिकेट कोच
रतलाम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी दिए हैं, लेकिन वर्तमान में यहां खेल सुविधाओं का अभाव है। सर्वसुविधा युक्त खेल मैदानों की कमी और स्टेडियम की खराब हालत बड़ी समस्या है। खिलाड़ियों को पहले जैसी सुविधाएं नहीं मिल रहीं है। इनडोर खेल सुविधाओं, जैसे बैडमिंटन और टेबल टेनिस, की भी आवश्यकता है। रतलाम ने पूर्व राजा सज्जनसिंह (पोलो) और लोकेंद्रसिंह (शूटिंग) जैसे खेल प्रेमी दिए हैं। नमन ओझा, आशुतोष, शोएब खान जैसे प्रसिद्ध खिलाड़ी यहां से निकले हैं, पर सुविधाओं के अभाव में नई प्रतिभाएं गुमनाम हो रही हैं।
- -दिग्विजय सिंह, क्रिकेट कोच

Updated on:
29 Aug 2026 06:01 am
Published on:
29 Aug 2026 06:01 am