रतलाम

बाटम-ढोल की थाप के बीच सजे रिश्तों के रंग, भाइयों की कलाई पर बंधा रक्षा सूत्र

Aug 29, 2026
datia news
datia news (भाई ने की भाई की हत्या Photo Source- Patrika)

फोटो-आरटी-2907



आलोट। ढोल की थाप, नए कपड़ों की उमंग और चेहरे पर खिली मुस्कान... शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व नगर सहित अंचल में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। शुभ मुहूर्त में बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर जीवनभर साथ और सम्मान का भरोसा दिलाया। घर-घर में तिलक, मिठाई और रक्षा सूत्र के साथ भाई-बहन के स्नेह का रंग दिखाई दिया।



सुबह से ही घरों में रक्षाबंधन की तैयारियां शुरू हो गई थीं। बहनों ने पूजा की थाली सजाई। रोली, अक्षत, दीपक और मिठाई से सजी थाली के साथ भाई की आरती उतारी और शुभ मुहूर्त में रक्षा सूत्र बांधा। राखी बांधने के बाद भाइयों ने बहनों को मिठाई खिलाई और उपहार भेंट किए। कई घरों में परिवार के सदस्य एकत्र हुए और पर्व की खुशियां साझा कीं।



नए परिधानों में सजे भाई-बहन



रक्षाबंधन को लेकर बच्चों और युवाओं में खास उत्साह रहा। भाई-बहन नए परिधानों में तैयार होकर एक-दूसरे के घर पहुंचे। दूर रहने वाली बहनें भी भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए अपने मायके पहुंचीं। लंबे समय बाद हुई मुलाकात ने त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया। घरों में दिनभर हंसी-खुशी का माहौल बना रहा।



बाजार में भी दिखी पर्व की रौनक



रक्षाबंधन के चलते नगर के बाजारों में भी चहल-पहल रही। राखियों के साथ मिठाई, कपड़े और उपहारों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। बच्चों में आकर्षक डिजाइन और पसंदीदा किरदारों वाली राखियों को लेकर उत्साह दिखाई दिया। वहीं बहनों ने भाइयों के लिए पसंदीदा मिठाई और उपहार खरीदे।



एक धागा, जीवनभर का विश्वास



रक्षाबंधन महज राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच स्नेह, विश्वास और आत्मीयता को मजबूत करने का अवसर है। राखी का धागा बचपन की शरारतों, नोकझोंक और साथ बिताए पलों की यादों को भी ताजा कर देता है। शुक्रवार को जब भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र सजा तो उसके साथ रिश्तों में प्यार और अपनत्व की डोर भी और मजबूत होती नजर आई।

Updated on:
29 Aug 2026 06:01 am
Published on:
29 Aug 2026 06:01 am