
-बाजार से लेकर बस व ट्रेनों में दिनभर रही भीड़, घरों में रहा पर्व का उत्साह, मिठाइयों भी खूब बिकी, पशुपतिनाथ को राखी बांधने पहुंची बहनें
फोटो एमएन 2901 पशुपतिनाथ का फूलों से किया विशेष श्रृंगार कई महिलाओं ने भगवान को बांधी राखी।
फोटो एमएन 2902 राखी बांधने से लेकर दर्शन करने के लिए मंदिर में दिनभर रही भीड़।
फोटो एमएन 2903 जिला जेल में रक्षाबंधन पर्व के दौरान राखी बांधते हुए।
फोटो एमएन 2904 गर्भगृह में भगवान को राखी बांधने के लिए पहुंची युवतियां व महिलाएं।
फोटो एमएन 2905 भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए।
फोटो एमएन 2906 घरों में रक्षाबंधन पर्व मनाते हुए।
फोटो एमं़एुन 2907 बाजार में राखियां खरीदते हुए महिलाएं।
फोटो एमएन 2908 बाजार में दिनभर रही भीड़।
मंदसौर। भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को मंदसौर शहर सहित जिलेभर में उत्साह और परंपरा के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर सुबह से ही बाजारों में चहल-पहल रही। राखी, मिठाई, साड़ी और उपहारों की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ी। मौसम खुला रहने से बाजारों में दिनभर पर्व की रौनक नजर आई। गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए शहर पहुंचे।
रक्षाबंधन के चलते बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख मार्गों पर भी आवाजाही बढ़ गई। बसों और ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ रही। घरों में शुभ मुहूर्त में बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। भाइयों ने बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा का वचन दिया। जिला जेल में भी रक्षाबंधन परंपरा के साथ मनाया गया। बंदियों को राखी बांधने के लिए दूर-दूर से महिलाएं पहुंचीं। जेल प्रशासन ने इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं।
शहर की परंपरा के अनुसार भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भी रक्षाबंधन का विशेष उत्साह रहा। बड़ी संख्या में महिलाएं आकर्षक राखियां लेकर मंदिर पहुंचीं और भगवान पशुपतिनाथ को राखी अर्पित कर पर्व मनाया। इस दौरान 12 फीट लंबी विशेष राखी आकर्षण का केंद्र रही। इसे अर्पणा जैन ने 10 दिन की मेहनत से तैयार किया था। राखी में भगवान शिव के चार स्वरूप दर्शाए गए हैं, जिसमें अर्धनारीश्वर शिव भी शामिल हैं।
अर्पणा जैन पिछले 19 वर्षों से भगवान पशुपतिनाथ को राखी बांध रही हैं। उनका कोई सगा भाई नहीं है। बचपन से ही वे भगवान शिव को अपना भाई मानकर राखी बांधती थीं। विवाह के बाद मंदसौर आने पर पशुपतिनाथ भगवान से उन्हें भाई जैसा अपनापन महसूस हुआ। तभी से उन्होंने हर वर्ष उन्हें राखी बांधने का संकल्प लिया। रक्षाबंधन के साथ सावन माह का भी समापन हुआ।