निलंबन की कार्रवाई के बाद से नगर निगम में हडकंप है।
रतलाम. नगर निगम से मिलने वाली मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा कल्याणी पेंशन योजना में पात्र हितग्राही को ही दोबारा पेंशन शुरू करने के लिए निगम में चक्कर पर चक्कर लगवाए गए। यही नहीं जिस महिला को पहले से पेेंशन मिलती थी उसके पति की 1985 में मृत्यु हो जाने के बावजूद योजना के प्रभारी उपायुक्त करुणेश दंडोतिया ने उनका आधार और वोटर आईडी कार्ड मांगकर परेशान कर दिया। बात कलेक्टर मिशा सिंह और फिर संभागायुक्त आशीष सिंह तक पहुंची तो संभागायुक्त सिंह ने कलेक्टर सिंह के प्रतिवेदन पर दंडोतिया को निलंबित कर दिया। निलंबन की कार्रवाई के बाद से नगर निगम में हडकंप है।
यह है पूरा मामला
किरण टाकीज क्षेत्र निवासी मधुसुदन अग्रवाल ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी कि जवाहर नगर निवासी मीना मिश्रा पति स्व. मथुरानाथ मिश्रा को मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा कल्याण योजना के तहत अक्टूबर 2024 तक पेंशन मिलती रही। इसके बाद पेंशन बंद कर दी गई। फिर से पेंशन चालू करवाने के लिए शिकायत की तो नगर निगम महिला के पति का आधार कार्ड और वोटर आईडी मांग लिया। जबकि महिला के पति की मृत्यु 1985 में ही हो चुकी थी। इसलिए उनके आधार और वोटर आईडी की आवश्यकता ही नहीं थी। समीक्षा में पाया कि पोर्टल पर मृतक के जन्म दिनांक से संबंधित दस्तावेजों की जरुरत नहीं होने के बाद भी इन्हें मांगा गया था।
यह प्रभार थे दंतोडि़या के पास
निगम आयुक्त अनिल भाना ने 17 अक्टूबर को जारी आदेश में दंडोतिया को पूर्व में सौंपे गए विभाग की शाखाओं के अलावा विकास शाखा, राजस्व विभाग, जनकल्याणकारी योजना, लोक सूचना अधिकारी, एनयूएलएम, श्रम और उद्यान विभाग का प्रभार दिया था। विकास शाखा का प्रभार प्रभारी उपायुक्त करणेश दंडोतिया को दे दिया था। अब निलंबन के बाद से नगर निगम में हड़कंप है व शाम तक इन प्रभार को किसी अन्य को नहीं दिया गया है।
इससे गंभीरता आएगी
आमतौर पर संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार से पात्र व्यक्ति को चक्कर कटवाना ही गलत है। इस प्रकार की गलती के बाद उठाए गए कठोर कदम से संवेदनशीलता जागेगी व गंभीरता भविष्य में अन्य में आएगी।
सोमनाथ झारिया पूर्व आयुक्त, नगर निगम रतलाम