रतलाम

लिली, चंदन, पीपल, हरसिंगार, अपराजिता, अशोक और चंपा ने बदली रतलाम की तस्वीर

सिर्फ एक वर्ष में बदल गई एलसीसी रतलाम की तस्वीर, लिली, चंदन, पीपल, हरसिंगार, अपराजिता, अशोक और चंपा ने बदली एलसीसी रतलाम की तस्वीर, अभियान से परिसर में बढ़ी हरियाली, सौंदर्य एवं पर्यावरणीय गुणवत्ता

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Jun 08, 2026
ratlam railway latest hindi news
अभियान से परिसर में बढ़ी हरियाली, सौंदर्य एवं पर्यावरणीय गुणवत्ता

रतलाम। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल स्थित लोकोमोटिव केयर सेंटर (एलसीसी) रतलाम में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक वर्ष पूर्व प्रारंभ किए गए उद्यान पुनर्जीवन अभियान ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। जून 2025 में पर्यावरण सप्ताह के अवसर पर एलसीसी परिसर के उपेक्षित एवं जर्जर हो चुके उद्यानों को पुनर्जीवित कर उन्हें आकर्षक एवं पर्यावरण-अनुकूल स्वरूप प्रदान करने का संकल्प लिया गया था।

वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (डीजल) मनोज छाबड़ा के नेतृत्व तथा अन्य अधिकारियों के निर्देशन में विभिन्न क्वालिटी यूनिटों के पर्यवेक्षकों एवं कर्मचारियों ने इस संकल्प को मिशन के रूप में अपनाया। सुनियोजित प्रयासों, नियमित देखरेख एवं सतत निगरानी के परिणामस्वरूप मात्र एक वर्ष में ही परिसर की हरियाली, सौंदर्य और पर्यावरणीय गुणवत्ता में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। इस अभियान को निरंतर गति प्रदान करने के लिए पूरे वर्ष नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई। उद्यानों के विकास कार्यों का आकलन करने हेतु प्रत्येक तिमाही में ऑडिट आयोजित किए गए तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अनुभागों को प्रोत्साहन स्वरूप ट्रॉफियां प्रदान की गईं। इस पहल से कर्मचारियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हुई और सभी संबंधित अनुभागों ने अपने कार्यक्षेत्र को अधिक हरित एवं स्वच्छ बनाने में सक्रिय योगदान दिया।

उद्यानों की फेंसिंग की

विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह है कि उद्यानों के विकास और रखरखाव का अधिकांश कार्य विभिन्न क्वालिटी यूनिटों के पर्यवेक्षकों एवं कर्मचारियों द्वारा अपने नियमित दायित्वों के साथ-साथ किया गया। कर्मचारियों ने कार्यालयीन समय के दौरान उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करते हुए अपने-अपने उद्यानों की रूपरेखा में रचनात्मक परिवर्तन किए। अभियान के दौरान उद्यानों की फेंसिंग, प्रवेश द्वार, सजावटी संरचनाओं तथा गमलों के निर्माण में लोकोमोटिव केयर सेंटर में उपलब्ध अनुपयोगी सामग्रियों का पुनः उपयोग किया गया। इस प्रकार कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण की ट्रिपल आर अवधारणा-रिड्यूस, रियूज एवं रिसाइकिल को व्यवहारिक रूप में साकार किया तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

फलदार पौधे बढ़ रहे

निरंतर मॉनिटरिंग, प्रभावी समन्वय और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी के फलस्वरूप एलसीसी परिसर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर पौधारोपण एवं उद्यान विकास कार्य संपन्न किए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में सजावटी, औषधीय तथा फलदार पौधों का रोपण किया गया तथा उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की गई। लगाए गए प्रमुख पौधों में लिली, चंदन, पीपल, हरसिंगार, अपराजिता, अशोक और चंपा जैसे पौधे शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न औषधीय पौधों का रोपण कर परिसर की जैव विविधता को समृद्ध किया गया है। फलदार वृक्षों के रूप में जामुन, पपीता और आम के पौधे लगाए गए हैं, जोभविष्य में पर्यावरणीय लाभों के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी सहायक सिद्ध होंगे।

हरित आवरण से सुशोभित

इन सतत प्रयासों का परिणाम एक साल में एलसीसी रतलाम परिसर में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। जहां एक वर्ष पूर्व कई क्षेत्र उपेक्षित एवं कम हरियाली वाले थे, वहीं आज वे आकर्षक उद्यानों, विकसित पौधों और सघन हरित आवरण से सुशोभित हैं। परिसर की बढ़ी हुई हरियाली ने न केवल इसके सौंदर्य में वृद्धि की है, बल्कि कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए अधिक स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुखद वातावरण भी उपलब्ध कराया है।

Published on:
08 Jun 2026 02:56 pm