
रतलाम। नामली थाना क्षेत्र के पंचेड़ मार्ग पर पकड़े गए अवैध स्पॉ सेंटर के चार में से तीन आरोपियों को पुलिस ने रिमांड अवधि खत्म होने पर सोमवार दोपहर अदालत में पेश किया। तीनों आरोपी अदालत परिसर में और जेल ले जाते समय मुंह छिपाते रहे। अदालत ने उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए। चौथा आरोपी और स्पा सेंटर का मालिक योगेश सिंह अभी फरार है, जिसकी अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को दायर की गई, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी। नामली थाना प्रभारी अमित कोरी ने बताया कि योगेश सिंह, मैनेजर दिलीपसिंह (27) निवासी नामली, संचालक नरेश चौहान (20) निवासी पाली और मैनेजर भरत मेवाड़ा (27) निवासी जोधपुर पर अनैतिक व्यापार व फारेनर एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
स्पॉ सेंटर का मालिक रतलाम निवासी योगेश सिंह घटना वाले दिन से ही फरार चल रहा है। पुलिस उसकी तलाश करने में अब तक असफल साबित हो रही है, क्योंकि अब तक योगेश पुलिस गिरफ्त में नहीं आया है। लेकिन हैरानी की बात यह है योगेश ने अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए सोमवार को आवेदन लगवाया है। इस पर सुनवाई मंगलवार को होगी। नामली थाना प्रभारी कोली के अनुसार योगेश के अग्रिम जमानत आवेदन का विरोध करेंगे।
पूरे मामले में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे है। तीन में से एक आरोपित मैनेजर दिलीपसिंह ने पत्रकार का चोला ओढा हुआ था। दिलीप सोशल मीडिया पर रील बनाकर पोस्ट करता था। स्थानीय निवासियों के अनुसार राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी ही दिलीप को अपने पास बिठाकर रील बनवाते थे। यहां तक की तीन माह पूर्व ही स्पा सेंटर की शिकायत स्थानीय पुलिस को की, लेकिन उस पर ध्यान तक देना जरुरी नहीं समझा गया।
जिस भूमि पर अवैध स्पा सेंटर चल रहा है, वो कृषि भूमि है या कारोबार के लिए डायवर्जन करवाया है, यह टायटल तक पुलिस दबिश के बाद तक तहसीलदार सहित पूरा राजस्व अमला जांच नहीं कर पाया है। नामली में कुछ दिन पूर्व ही तहसील कार्यालय के सामने ही लकड़ी की तस्करी के आरोप में राजस्व विभाग की मिलीभगत की भूमिका के आरोप लगे थे। आरोप के बाद ही अमले ने कार्रवाई की थी।