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रत्नगद. हरियाली अमावस्या पर रत्नगद कोटड़ा बालाजी मंदिर का दानपात्र खोला गया। दानपात्र से कुल 84 हजार 106 रुपए की राशि प्राप्त हुई। मंदिर समिति ने सर्वसम्मति से यह राशि मंदिर परिसर में चल रहे और भविष्य में होने वाले विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च करने का निर्णय किया है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष बंसीलाल धाकड़, निवर्तमान उपाध्यक्ष कालूराम मीणा, फोरू उस्ताद, मोहन कुमावत, रतिराम गुर्जर, के छितर धाकड़, रमेश धाकड़, दुर्गेश पुजारी, अशोक शर्मा और एचडी व्यास सहित अनेक सदस्य तथा स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने दानपात्र से प्राप्त राशि की गणना में सहयोग किया।
महत्त्वपूर्ण धार्मिक स्थल
रत्नगद कोटड़ा बालाजी का यह स्थान अरावली की रमणीय वादियों में घने जंगल के बीच स्थित एक प्राचीन और महत्त्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यहां बालाजी की 7 फुट ऊंची भव्य मूर्ति स्थापित है, जिसकी महिमा अत्यधिक मानी जाती है। यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अध्यात्मिक महत्त्व के कारण दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था और शांति का केंद्र है। समिति मंदिर के जीर्णोद्धार और सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिसमें यह दान राशि सहायक सिद्ध होगी।