
Ratlam- रतलाम के डोसी गांव मल्टी का विवाद थम नहीं रहा है। नगर निगम अमले पर हुए पथराव के बाद यहां के रहवासी विधायक व प्रदेश सरकार के मंत्री चैतन्य काश्यप के निवास पर पहुंच गए। डोसी गांव मल्टी के निवासियों ने वहां बाहर सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने निगम पर अनुचित दबाव बनाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम मुर्दाबाद, निगम कर्मचारी मुर्दाबाद के नारे लगाए। डोसीगांव मल्टी में रहने वाले बकायादारों के यहां शुक्रवार सुबह राशि जमा करने का नोटिस चस्पा करने गए निगम अमले पर रहवासियों ने पत्थरों, लाठियों और गमलों से हमला कर दिया था। हमले से चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल हो गया। अचानक हुए हमले से निगम के अफसर और कर्मचारी को जान बचाकर वाहनों के पीछे छिपना पड़ा तो कुछ भाग खड़े हुए। पथराव व लाठियों से हमले में निगम के चार कर्मचारी जिनमें एक सफाई संरक्षक और तीन दरोगाओं के साथ ही एक अन्य को चोटें आईं। औद्योगिक क्षेत्र थाने की पुलिस ने निगम कर्मचारियों के बताए हुलिये वाले कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
बता दें कि नगर निगम के लोनिवि के अफसर, राजस्व के अफसर और कर्मचारियों के साथ ही एक दर्जन से ज्यादा कर्मचारी डोसीगांव मल्टी में नोटिस चस्पा करने पहुंचे थे। इस दौरान कुछ लोग निगम अमले के सामने आ गए और विरोध करने लगे। इसी दौरान अचानक ही कुछ लोग उग्र हुए और निगम कर्मचारियों से झूमाझटकी शुरू कर दी। इसी बीच लोग गमले, पत्थर और लाठियां लेकर निगम अमले पर टूट पड़े। घरों से भी कर्मचारियों पर गमले फेंके गए। निगम का दल जब मल्टी पहुंचा तो महिलाओं और युवतियों को इन लोगों ने आगे कर दिया। महिलाएं बहस करते हुए निगमकर्मियों से भिड़ गई। कर्मचारी उन्हें संभालते और दूर करते तब तक पहले से तैयार लोगों ने पथराव और लाठियों से हमला कर दिया। हमले में निगम के सफाई कर्मचारी शंकर, दरोगा देवा, चंदन और दिनेश को चोटें आई। निगम के लोनिवि, राजस्व विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अफसर और कर्मचारी वहां पहुंचे थे।
नगर निगम के आयुक्त अनिल भाना ने बताया कि जिन लोगों ने राशि जमा नहीं कराई उन लोगों को नोटिस देने और उनके यहां चस्पा करने के लिए निगम दल पहुंचा था। ये 208 लोग हैं जिन पर राशि बकाया है। छह साल से कोई राशि जमा नहीं करवा रहा है। नोटिस चस्पा करने गए निगम अमले पर इन लोगों ने मल्टी के ऊपर से और सामने से पथराव कर दिया और लाठियों से हमला किया। 2019 से अब तक कई हितग्राही बिना शेष राशि चुकाए आवासों में रह रहे हैं और पानी- बिजली जैसी सुविधाओं का भी निशुल्क उपयोग कर रहे हैं।
मल्टी के रहवासी आज विधायक व प्रदेश के सूक्ष्म एवं लघु उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप के निवास पर पहुंच गए। वे बाहर सड़क पर बैठ गए और विरोध प्रदर्शन किया। रहवासियों का आरोप है कि नोटिस और वसूली की कार्रवाई को लेकर उनपर दबाव बनाया जा रहा है।
डोसीगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्मित ईडब्ल्यूएस में रहने वाले 208 लोगों के यहां नोटिस चस्पा करने पर विवाद चल रहा है। ये वे लोग हैं जिन्होंने यहां आवास तो ले लिया किंतु मात्र 20 हजार रुपए ही जमा कराए। छह साल बाद भी इन्होंने बकाया 1 लाख 80 हजार रुपए जमा नहीं करवाए। निगम ने तीन दिन में राशि जमा करने या फिर कब्जा हटाने का अल्टीमेटम देने का नोटिस जारी किया है।
एएचपी घटक के लिए डोसीगांव मल्टी में 396 आवास बनाए गए। इनकी कीमत सात लाख रुपए थी और इन्हें शिवशंकर बस्ती के निवासियों को दो-दो लाख रुपए में आवंटित किया गया। दो लाख रुपए में से 20-20 हजार रुपए जमा करवाकर 1 लाख 80 हजार का लोन लेकर जमा करने थे।