
फोटो-आरटी-1312-निजी पाइप लाइन से पेयजल व्यवस्था की मजबूरी
ग्राउंड रिपोर्ट का लोगो रहेगा
Bअवध नारायण मालपानीB
सुखेडा. सुखेडा से छह किलोमीटर दूर धतुरिया ग्राम पंचायत के खेड़ा गांव के पांच सौ से अधिक रहवासियों को बारिश के मौसम में पीने के पानी और प्रतिमाह मिलने वाले राशन को लेकर गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राशन लेने नदी पार कर जाने की मजबूरी है। दूसरी तरफ गांव के अधिकांश लोग छोटी नई आबादी में स्थित खुली कुइयां से निजी मोटर पंप से पानी लेते हैं। बारिश का पानी इसमें रिसने से कुइयां का पानी मटमैला और दूषित हो रहा है, जिससे बीमारी का अंदेशा बना हुआ है।
दो माह पहले नल-जल मिशन योजना के तहत घर-घर पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन अभी तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। गांव के चार हैंडपंप में से दो खराब हैं। ग्रामीणों को एक किलोमीटर दूर निजी ट्यूबवेल से पानी लाना पड़ता है। सरकारी राशन की सबसे बड़ी समस्या है। शासकीय उचित मूल्य दुकान धतुरिया गांव में है, लेकिन खेड़ा और धतुरिया के बीच रोजड़ी नदी बहती है। बारिश में नदी उफान पर होने से संपर्क टूट जाता है। ग्रामीणों को ग्यारह किलोमीटर सुखेडा होकर धतुरिया जाना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक नुकसान होता है।
मार्ग कच्चे, सभी परेशान
गांव के आंतरिक मार्ग भी कच्चे होने से आवागमन में, खासकर छात्र-छात्राओं को परेशानी होती है। महिलाओं ने विवश होकर दूषित पानी पीने और बीमारी के अंदेशे की बात कही। ग्राम पंचायत के सचिव बापूलाल जाट ने बताया कि जिस कुइयां से रहवासी पानी ले रहे हैं, वह सरकारी नहीं है, छोटी है और पीने लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि पंचायत द्वारा नीर कूप योजना के तहत कुआं बनाया गया है और कलालिया से खेड़ा तक पाइपलाइन बिछाकर हर घर में नल से पानी की आपूर्ति की जाएगी।
किसी ने व्यवस्था नहीं की
फोटो-आरटी-1306-कन्हैयालाल धनगर
गांव में पेयजल के लिए पंचायत ने कोई व्यवस्था नहीं की है। हम लोगों को पेयजल के लिए परेशानी हो रही है। पंचायत को इस मामले में तत्काल समाधान करना चाहिए।
-कन्हैयालाल धनगर रहवासी खेडा
समाधान नहीं किया
फोटो-आरटी-1307-बालाराम धनगर
कई बार पंचायत को पेयजल की समस्या के समाधान के लिए अवगत कराया, लेकिन पंचायत ने अब तक समस्या के समाधान की दिशा में कार्य नहीं किया है।
- बालाराम धनगर निवासी खेड़ा
अब तक कुछ नहीं
फोटो-आरटी-1308-रमेश धनगर
बारिश में राशन लेने जाने की अधिक परेशानी है। नदी का बहाव तेज होता है तो दूसरी तरफ राशन लेने भी नहीं जा पाते है। कई साल से समाधान का भरोसा सभी दे रहे, लेकिन अब तक कुछ नहीं किया।
- रमेश धनगर निवासी खेड़ा
गांव में खुले दुकान
फोटो-आरटी-1309-राधेश्याम धनगर
खेड़ा में पानी व राशन के लिए पंचायत व जनप्रतिनिधि भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। गांव में बारिश के दौरान सप्ताह में एक या दो बार शासकीय उचित मूल्य दुकान खोलने की व्यवस्था करना चाहिए।
- राधेश्याम धनगर निवासी खेड़ा
हर समय रहता डर
फोटो-आरटी-1310-सागर मीणा रहवासी खेडा
हम महिलाओं का दर्द कोई नहीं जानता है गर्मी में जब हम निजी ट्यूबवेल पर पानी भरने जाते हैं तो कई बार ताने सुनने पड़ते हैं। बारिश में विवश होकर कुइयां का पानी पी रहे हैं। प्रदूषित पेयजल के सेवन से हर वक्त डर रहता है, कहीं बच्चे बीमार नहीं हो जाए।
-सागर मीणा रहवासी खेडा
नरक से बदतर जिंदगी
फोटो-आरटी-1311-रामी बाई
हम लोगों की जिंदगी नरक से भी बदतर है। कोई कभी आकर देखता तक नहीं, पेयजल तक के लिए हमको दूसरों पर आश्रित रहना पड़ रहा है।
- रामी धनगर निवासी खेड़ा