ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक ग्रह-नक्षत्रों का जातक के जीवन में बड़ा प्रभाव पड़ता है। वहीं 27 नक्षत्रों के चक्र में 8वां नक्षत्र पुष्य नक्षत्र होता है। जब यह योग गुरुवार के दिन पड़ता है तो इसे गुरु पुष्य योग कहते हैं। पंचांग के अनुसार इस साल सावन में 28 जुलाई 2022 को इस श्रेष्ठतम योग का निर्माण हो रहा है। मान्यता है कि इस दिन जन्मे लोग...
Guru Pushya Yoga: ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को श्रेष्ठतम माना गया है। वहीं इस नक्षत्र के अधिष्ठाता देव बृहस्पति और शनि हैं। गुरुवार के दिन पड़ने वाले पुष्य नक्षत्र को 'गुरु पुष्य योग' कहा जाता है। मान्यता है कि यह मुहूर्त सभी मांगलिक कार्यों, दान और खरीददारी आदि के लिए उत्तम होता है। इस वर्ष सावन मास में 28 जुलाई 2022 को गुरु पुष्य योग का निर्माण हो रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम के भ्राता भरत का जन्म भी इसी नक्षत्र में हुआ था। तो यह जानते हैं इस शुभ नक्षत्र में जन्मे लोगों के जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें...
पुष्य नक्षत्र में जन्मे लोग
ज्योतिष के अनुसार माना जाता है कि पुष्य नक्षत्र में जन्मे लोग आकर्षक, बुद्धिमान और प्रबल व्यक्तित्व वाले होते हैं। ये लोग स्वभाव से बड़े मेहनती होते हैं परंतु इनका मन चंचल होने के कारण इधर-उधर भटकता रहता है।
इस नक्षत्र में जन्मे लोगों के बारे में कहा जाता है कि ये एक बार किसी से रिश्ता जोड़ते हैं तो उसे पूरी ईमानदारी और प्रेम से निभाते हैं। साथ ही अपने दोस्तों की मदद करने से भी पीछे नहीं हटते हैं। इनके मन में सबके लिए दयाभाव होता है।
इन लोगों को अपने जीवन में खूब मान-सम्मान और सुख प्राप्त होते हैं। इनका स्वभाव शांतिप्रिय और धार्मिक होता है। पुष्य नक्षत्र में जन्मे जातक कोई भी फैसला बहुत सोच-विचार करने के बाद ही लेते हैं और स्पष्टवादी होते हैं।
इन लोगों में व्यवहारिकता और एक अच्छे आलोचक जैसे गुण भी मौजूद होते हैं। अपने कार्यों में निपुण होने के कारण इन्हें सबसे प्रशंसा प्राप्त होती है। ज्योतिष अनुसार पुष्य नक्षत्र में जन्मे जातक लेखन, कवि, साहित्यकार, अधिकारी मंत्री या तकनीक के क्षेत्र में अच्छी सफलता हासिल करते हैं।
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