
Guru Gochar 2026 : गुरु के कर्क गोचर से मौसम और अर्थव्यवस्था पर असर (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)
Guru Gochar 2026: 2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क (Jupiter Transit in Cancer) में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार इस बार गुरु अतिचारी चाल से गोचर करेंगे, यानी उनकी गति सामान्य से तेज रहेगी। मेदिनी ज्योतिष के अनुसार ऐसी स्थिति अचानक राजनीतिक, आर्थिक और मौसम संबंधी बड़े बदलावों का संकेत देती है। भारी बारिश, अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उतार-चढ़ाव और आर्थिक नीतियों में बदलाव जैसे प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
कर्क राशि के स्वामी ग्रह चंद्रदेव होते हैं और गुरु की चंद्रदेव के साथ मित्रता का भाव होता है। इसके अलावा गुरु कर्क राशि में उच्च के होते हैं। गुरु 31 अक्टूबर 2026 तक इसी राशि में रहेंगे, फिर इसके बाद सिंह राशि में गोचर करेंगे। गुरु के राशि परिवर्तन के चलते इसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों के ऊपर देखने को मिलेगा।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को शुभ और बहुत ही लाभकारी ग्रह माना जाता है। यह लगभग 13 महीनों के अंतराल पर राशि परिवर्तन करते हैं, जिसके बाद एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में गोचर करते हैं।
इस बार गुरु अतिचारी गति से कर्क (Kark Rashi Guru Gochar) में गोचर कर रहे हैं, जिस वजह से इसके परिणाम तेजी से सामने आ सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, गुरु का अतिचारी होना अशुभ होता है, जो अचानक बड़े बदलावों का संकेत है। वहीं कुछ क्षेत्रों में यह सकारात्मक प्रगति और नए अवसरों का द्वार भी खोल सकता है।
ज्योतिष गणना के अनुसार, देवगुरु के कर्क राशि में आते ही धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्रों में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्रों में नए बदलाव संभव हैं। इस दौरान कई बड़ी घोषणाएं सामने आ सकती हैं। बात अगर राजनीतिक स्तर पर की जाए, तो कुछ फैसले चर्चा में रह सकते हैं। इस समय अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम में अचानक बदलाव होगा। भारी बारिश (Guru Gochar and Heavy Rain Prediction) या जल से जुड़ी घटनाओं में वृद्धि के संकेत हैं।
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि मेदिनी ज्योतिषके ग्रंथ भविष्य फल भास्कर के अनुसार जब क्रूर ग्रह वक्री हों तथा शुभ ग्रह अतिचारी हों तब असामान्य वर्षा और दुर्भिक्ष से जन-धन की हानि होती है।
क्रूरा वक्रा यदा काले सोम्या: शीघ्रास्तु चागता:।। अनावृष्टि च दुर्भिक्षं नृपराष्ट्रभयन्करा :।।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, अतिचारी चाल का मतलब है कि बहुत तेज चलना और त्वरित होना। यहां गुरु की अतिचारी चाल का अर्थ है कि गुरु जिस राशि में मौजूद हैं, वहां सामान्य चाल न चलकर बहुत तेजी से गोचर कर रहे हों। आमतौर पर गुरु एक राशि में 12 से 13 महीने तक रहते हैं, लेकिन अतिचारी होने पर वे जल्दी राशि परिवर्तन करते हैं। इसका असर करियर, पारिवारिक जीवन, शिक्षा और आर्थिक स्थिति समेत कई क्षेत्रों पर तेजी से देखने को मिलता है। ज्योतिष में गुरु ग्रह ज्ञान, करियर, शिक्षा, भाग्य, धर्म, संतान, धन, वैवाहिक जीवन आदि के कारक ग्रह हैं। जब गुरु अतिचारी चाल चलते हैं तब इनके जल्दी प्रभाव देखने को मिलते हैं।
भारत की स्वतंत्रता कुंडली के अनुसार बृहस्पति अष्टम और लाभ भाव के स्वामी हैं। कर्क राशि में प्रवेश के दौरान वे देश के तीसरे भाव में गोचर करेंगे, जो बहुत अनुकूल स्थिति नहीं मानी जाती। हालांकि लाभ भाव के स्वामी का उच्च राशि में होना कई मामलों में फायदा दिला सकता है।
चंद्र राशि के अनुसार देखें तो बृहस्पति द्वादश भाव में रहेंगे, जिससे आर्थिक उतार-चढ़ाव की संभावना बनती है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी या कर-नीतियों में बदलाव देखने को मिल सकता है। सकारात्मक पक्ष यह है कि विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सुधार होगा, जिससे अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे मज़बूत हो सकती है। कुल मिलाकर बृहस्पति का यह गोचर भारत के लिए मिले-जुले परिणाम देने वाला रहेगा।
देवगुरु बृहस्पति को प्रसन्न करने के लिए प्रतिदिन ॐ भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का एक माला जाप करें। साथ ही भगवान विष्णु को संभव हो तो पीले रंग के फल का भोग लगाकर प्रसाद के रूप में बांटें। देवगुरु को प्रसन्न करने के लिए बृहस्पतिवार के दिन दाल, हल्दी, पीले वस्त्र, बेसन के लड्डू आदि किसी योग्य ब्राह्मण को दान करें और केले के वृक्ष पर जल चढ़ाएं। जिन जातकों को रोग, शत्रु, आदि से परेशानी के साथ-साथ अपने कामकाज में अचानक से तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हो, वे नियमित रुप से राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
देवगुरु बृहस्पति का यह उपाय परम कल्याणकारी सिद्ध होगा। प्रतिदिन भगवान श्री विष्णु की आराधना के बाद हल्दी और चंदन का तिलक करें। हं हनुमते नमः, ऊॅ नमः शिवाय, हं पवननंदनाय स्वाहा का जाप करें।
Published on:
31 May 2026 10:48 am
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