
रीवा. फेेसबुक में तलाकशुदा महिला को प्रेमजाल में फंसाकर शारीरिक शोषण करने वाले पुलिस विभाग के उपनिरीक्षक के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज है। उपनिरीक्षक रीवा में पदस्थ है और इंदौर में उनके खिलाफ युवती की शिकायत पर अपराध कायम हुआ है। उक्त कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
सिंहस्थ मेले में हुई थी मुलाकात
हासिल जानकारी के अनुसार सेमरिया थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक शैलेन्द्र सिंह ने इंदौर में रहने वाली तलाकशुदा युवती का शारीरिक शोषण किया था। उक्त युवती से उपनिरीक्षक की मुलाकात सिंहस्थ मेले के दौरान 2017 में हुई थी। उन्होंने फेसबुक में युवती के साथ दोस्ती की और युवती को प्रेमजाल में फंसा लिया। उपनिरीक्षक ने इंदौर आये जहां युवती को शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाये और रीवा चले गये। बाद में उन्होंने युवती से किनारा कर शादी करने से इंकार कर दिया। गत वर्ष जब यह मामला सामने आया था उस समय उपनिरीक्षक चोरहटा थाने में पदस्थ थे। युवती ने जब थाने में शिकायत की थी तब भी यह मामला कई दिनों तक विभाग में गर्म रहा। उपनिरीक्षक के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज होने के बाद उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी हो सकते है।
शिकायत दर्ज करवाने पर मंदिर में रचाई शादी
पीडि़ता ने 17 जुलाई 2017 को उपनिरीक्षक के खिलाफ इंदौर के महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला थाने की पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलवाया था जिस पर उपनिरीक्षक ने उज्जैन के चिंतामण मंदिर में युवती के शादी की और दिसम्बर माह में रीति रिवाज के अनुसार शादी कर घर चलने की बात बोलकर वापस लौट आये। पीडि़ता ने दिसम्बर माह तक इंतजार किया लेकिन उपनिरीक्षक वापस नहीं लौटे। पीडि़ता द्वारा पूंछने पर वे शादी करने की बात से इंकार कर दिया। फलस्वरूप पीडि़ता ने दुबारा थाने की शरण ली। उपनिरीक्षक युवती को लेकर रीवा आ गये और अपने रूम पार्टनर के घर में रखकर उसका शारीरिक शोषण कर रहे थे।
डीआईजी से दिसम्बर माह में की थी शिकायत
महिला ने 4 दिसंबर 2017 को डीआइजी हरिनारायणचारी मिश्र से इस पूरे मामले की शिकायत की थी जिसमें उसने उपनिरीक्षक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने व झूठी शादी करने का आरोप लगाया था। डीआईजी ने मामले की जांच सीएसपी को सौंपी। 6 माह तक सीएसपी ने इस पूरे मामले की जांच की और जांच में शिकायत सही मिलने पर उपनिरीक्षक के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया।