
बीना. रेलवे गेट पर होने वाले हादसों को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल करने की दिशा में काम किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार नॉन-इंटरलॉक्ड रेलवे गेट पर एआई आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे गेट की गतिविधियों पर नजर रखेंगे और गेट खुला रहने जैसी स्थिति में तत्काल अलर्ट जारी करेंगे। कैमरों की लाइव फीड स्टेशन मास्टर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
नॉन-इंटरलॉक्ड गेट पर लगेंगे एआई कैमरे
नॉन-इंटरलॉक्ड रेलवे क्रॉसिंग पर आधुनिक एआई कैमरे लगाए जाने हैं। इन कैमरों के माध्यम से गेट पर वाहनों और अन्य गतिविधियों की लगातार निगरानी की जाएगी। एआई तकनीक संदिग्ध या जोखिम वाली स्थिति को पहचानने में मदद करेगी।
सोलर पावर से चलेंगे सीसीटीवी कैमरे
गेट पर लगाए जाने वाले आधुनिक सीसीटीवी कैमरों को सोलर पावर से संचालित करने की व्यवस्था की जाएगी। इससे ऐसे स्थानों पर भी निगरानी व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी, जहां बिजली की उपलब्धता कम होती है। साथ ही एआई कैमरों से मिलने वाली लाइव वीडियो फीड स्टेशन मास्टर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। इससे स्टेशन मास्टर गेट की स्थिति पर नजर रख सकेंगे और जरूरत पडऩे पर तत्काल कार्रवाई के लिए संबंधित कर्मचारियों को सूचना दे सकेंगे।
गेट खुला रहने पर मिलेगा एआई अलर्ट
एआई आधारित निगरानी व्यवस्था का एक प्रमुख उद्देश्य रेलवे गेट की स्थिति पर नजर रखना होगा। यदि ट्रेन संचालन के दौरान गेट खुला रहने जैसी जोखिम वाली स्थिति सामने आती है, तो सिस्टम तत्काल अलर्ट जारी करेगा, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके। एआई निगरानी व्यवस्था का उद्देश्य रेलवे गेट पर होने वाले हादसों को कम करना है। कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी और जोखिम की स्थिति में तत्काल सूचना मिलने से गेट पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सकती है।
24 घंटे निगरानी से बढ़ेगी सुरक्षा
प्रस्तावित व्यवस्था में एआई कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी पर जोर दिया गया है। इससे गेट पर होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और किसी भी असामान्य स्थिति की पहचान में मदद मिलेगी। एआई तकनीक कैमरे से मिलने वाली तस्वीरों और गतिविधियों का विश्लेषण कर जोखिम की पहचान करने में मदद करेगी, इससे केवल सामान्य सीसीटीवी निगरानी के बजाय स्मार्ट निगरानी व्यवस्था विकसित करने का उद्देश्य है।