शहर में हुई दो घंटे की बारिश ने पूरे शहर को एकाएक जलमग्न कर दिया। आलम ये था कि, स्मार्ट सिटी सागर के लोगों का जनजीवन ही अस्त व्यस्त हो गया।
सागर. इस बार मध्य प्रदेश में मानसून का आगमन होते ही तेज बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। साथ ही, कई जगहों पर सरकार और प्रशासन के दावों की भी पोल खुल रही है। ऐसी ही एक पोल सागर प्रशासन के दावों की भी खुली है। शहर में हुई दो घंटे की बारिश ने पूरे शहर को एकाएक जलमग्न कर दिया। आलम ये था कि, स्मार्ट सिटी सागर के लोगों का जनजीवन ही अस्त व्यस्त हो गया। अधिकतर सड़कों पर जलभराव और घरों में पानी भर गया। शहर के सभी नाले उफन पड़े, जिससे कई इलाकों और घरों में नाले का पानी तक भर गया।
आलम ये रहा कि, नगरीय निकाय चुनाव के प्रचार के बीच जलभराव से नाराज लोगों ने बारिश में सड़क पर चक्काजाम कर दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी तक शुरु कर दी।वहीं, दूसरी तरफ नगर निगम सागर के चुनाव में स्मार्ट सिटी को लेकर बड़े-बड़े विकास के दावे करने वाली सरकार के मंत्रियों को बारिश से उपजी तस्वीरों ने परेशानी में डाल दिया है।
नालियां साफ नहीं हुई, इसलिए बिगड़े हालात
आपको बता दें कि, शहर में सीवरेज लाईन बिछाने के साथ साथ कई जगहों पर सड़क निर्माण कार्य भी चल रहा है। तकनीकी लापरवाही और मनमाने तरीके से काम होने के कारण शहर में दो घंटे की बारिश ने ही नागरिकों से लेकर प्रशासन तक को परेशान कर दिया। मूसलाधार बारिश से सड़कें, चौराहे, गलियां सभी एक समान नजर आने लगीं। चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी देखने को मिल रहा था। जानकारों की मानें तो शहर की नालियों की व्यवस्थित सफाई न होने की वजह से नालियों में पानी निकलने की पर्याप्त जगह नहीं है, जिसके चलते शहरभर में ये हालात बन गए हैं।