
- प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की बैठक आयोजित, आयोग के सदस्य मुकेश शुक्ला ने ली जिले के अधिकारियों की बैठक
सागर. प्रशासनिक पुनर्गठन का उद्देश्य जनोन्मुखी सुलभ प्रशासन हो और कोई भी नई तहसील ब्लॉक या ग्राम पंचायत बनाते समय उसकी सीमा जिले में शामिल करने से पहले उस स्थान की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, स्ट्रक्चर मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। यह निर्देश आयोग के अध्यक्ष व सागर संभाग के पूर्व संभागायुक्त मुकेश शुक्ला ने सागर कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की बैठक में दिए। अध्यक्ष मुकेश शुक्ला ने बैठक में कहा कि किसी भी प्रशासनिक इकाई के पुनर्गठन से पहले जनप्रतिनिधियों व जनता से फीडबैक लेकर आपस में समन्वय स्थापित करके राजस्व सीमाओं के पुनर्गठन का प्रस्ताव कलेक्टर को प्रेषित करें। कलेक्टर सभी प्रस्ताव पर विचार करके अपने सुझाव व निर्णय से आयोग को अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि पुनर्गठन के पूर्व जनप्रतिनिधियों, सभी विभाग के अधिकारियों से अलग-अलग चर्चा की जाए। चर्चा के दौरान बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रख जाए। इस अवसर पर प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के सचिव अक्षय सिंह, संभाग कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत, कलेक्टर संदीप जीआर, अपर कलेक्टर रुपेश उपाध्याय समेत अन्य उपस्थित रहे।
शुक्ला ने बताया कि जनपद व तहसील की सीमाओं का परिसीमन किया जाना है लेकिन यदि परिसीमन की आवश्यकता नहीं है तो परिसीमन नहीं किया जाएगा। परिसीमन को और अधिक जनोन्मुखी बनाया जाएगा ताकि इसके आधार पर जन अपेक्षा के आधार पर ज्यादा से ज्यादा जनता को सुविधा दिलाई जा सके। नवीन प्रशासनिक इकाई के लिए मार्गदर्शन सिद्धांत बनाए गए हैं। वर्तमान में ऐसे कई तहसील एवं ब्लॉक, ग्राम पंचायत हैं, जो जिला मुख्यालय से दूर हैं, लेकिन दूसरे अन्य जिले के समीप हैं, ऐसे प्रशासनिक इकाइयों में परिवर्तन करने की आवश्यकता है।
अध्यक्ष शुक्ला ने कहा कि यदि किसी स्थान को हम मुख्यालय बनाना चाहते हैं, तो जनसंख्या, औद्योगिक क्षेत्र व भौगोलिक दूरी उसकी अन्य क्षेत्र से न हो, इसका अनिवार्य रूप से ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ ही प्रस्तावित इकाइयों को सुविधा की दृष्टि से पुनर्गठन करने या गठन हटाने के संबंध में भी आवश्यक सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। यदि किसी जिले की सीमा की तहसील या ग्राम को किसी दूसरे जिले की सीमा में मिलना चाहते हैं, तो उसके लिए संभाग कमिश्नर सुझाव देंगे और यदि जिले के अंदर तहसील में कोई परिवर्तन करना चाहते हैं, तो इसका सुझाव कलेक्टर देंगे।